कापा स्कोर्पाए तारा

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बिच्छु के रूप वाले वॄश्चिक तारामंडल का चित्रण, जिसमें कापा स्कोर्पाए 'κ' के चिह्न द्वारा नामांकित तारा है

कापा स्कोर्पाए (κ Sco, κ Scorpii), जिसका बायर नामांकन भी यही है, वॄश्चिक तारामंडल का एक तारा है। यह पृथ्वी से दिखने वाले सबसे रोशन तारों में से एक है। यह पृथ्वी से लगभग ४६० प्रकाश वर्ष की दूरी पर है और पृथ्वी से इसका औसत सापेक्ष कांतिमान (यानि चमक का मैग्निट्यूड) +२.३९ है।

अन्य भाषाओँ में[संपादित करें]

कापा स्कोर्पाए को "गिरटाब" (Girtab) के नाम से भी जाना जाता है, जो प्राचीन सुमेर सभ्यता में "बिच्छु" के लिए प्रयोग होने वाला शब्द है।

विवरण[संपादित करें]

पृथ्वी से एक दिखने वाले कापा स्कोर्पाए वास्तव में एक द्वितारा है, जिसका मुख्य तारा B1.5 III श्रेणी का एक दानव तारा है। यह एक बेटा सॅफ़ॅई परिवर्ती तारा भी है जिसकी चमक ऊपर-नीचे होती रहती है।[1] यह और इसका साथी तारा हर १९५ दिनों में एक-दूसरे की एक परिक्रमा पूरी कर लेते हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Robert Burnham. "Burnham's celestial handbook: an observer's guide to the universe beyond the solar system". Courier Dover Publications, 1978. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780486236735.