कान्टैक्टर

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एक कान्टैक्टर का बाहरी रूप
100 अम्पीयर के औद्योगिक कांटैक्टर की आन्तरिक रचना
चित्र:Motor control by contactor.png
मोटर चलाने के लिए कॉन्टैक्टर का प्रयोग
कान्टैक्टर के प्रमुख अवयव
तीन फेजी कान्टैक्टर का कार्य-सिद्धान्त तथा प्रमुख भाग

कान्टैक्टर एक विद्युत-नियंत्रित स्विच है जिसके संपर्कों (कॉन्टैक्ट्स) द्वारा बड़ी मात्रा की विद्युत शक्ति को बन्द या चालू किया जाता है। कॉन्टैक्टर की प्रमुख विशेषताएँ जो इसे रिले से अलग करती हैं, ये हैं:

  • अधिक धारा वहन कर सकने वाले संपर्क (कॉन्टैक्ट्स) (सैकड़ों अम्पीअर)।
  • इसके संपर्क प्राय: खुले हुए (नार्मली ओपन) होते हैं।
  • प्राय: कई संपर्क वाले होते हैं।

रिले की भाँति ये भी विद्युत-चुम्बक के सिद्धांत पर काम करते हैं। इनमें भी बहुत कम विद्युत शक्ति का प्रयोग करते हुए बहुत अधिक विद्युत शक्ति को जोड़ा/तोड़ा जाता है, लेकिन सर्किट ब्रेकर के विपरीत कान्टैक्टर शार्ट सर्किट धारा को तोड़ने (ब्रेक करने) के लिए नहीं होते।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]