कर्मचारी चयन आयोग

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कर्मचारी चयन आयोग (Staff Selection Commission) का कार्य भारत सरकार के मंत्रालयों/विभागों, संबद्ध और अधीनस्‍थ कार्यालयों और सीएजी एवं महालेखाकारों के कार्यालयों में गैर तकनीकीय समूह 'ग' और 'ख' के अराजपत्रित पदों में भर्ती करना है। आयोग नीतियां तैयार करने, के लिए उत्तरदायी है जिसमें परीक्षाओं की एवं अन्‍य प्रक्रियाओं की योजना बनाना शामिल है ताकि परीक्षाओं और चयन परीक्षणों को सुव्‍यवस्थित रूप से चलाया जा सके। इसे पहले "अधीनस्‍थ सेवा आयोग" (Subordinate Services Commission) कहते थे। इसका पुन: नामकरण 1977 में 'कर्मचारी चयन आयोग' के रूप में हुआ।

कर्मचारी चयन आयोग कार्मिक,लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय , भारत सरकार से संबद्ध एक संस्था है । इसके लिए समय-समय पर आयोग द्वारा परीक्षायें आयोजित की जातीं हैं। आयोग में एक अध्यक्ष, दो सदस्य और एक सचिव होते हैं। आयोग की अध्यक्षता अध्यक्ष द्वारा की जाती है। आयोग का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है ।

कर्मचारी चयन आयोग को विभागीय परीक्षा आयोजित करने का भी काम सौंपा गया है , जो निम्न है-

  • (१) ग्रेड ‘ग’ आशुलिपिक सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा
  • (२) ‘यूडी’ ग्रेड सिमित विभागीय परीक्षा
  • (३) लिपिक ग्रेड (केवल समूह ‘घ’ के स्टाफ हेतु ) परीक्षा

एसएससी परीक्षा (संयुक्त स्नातक स्तरीय)[संपादित करें]

एसएससी (संयुक्त स्नातक स्तरीय) परीक्षा प्रक्रिया चार चरणों में होती है । टीयर I और टीयर II में कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन परीक्षा ली जाती है, जिसमे वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूंछे जाते हैं जबकि टीयर III जिसमे पहले व्यक्तित्व परीक्षा(साक्षात्कार) होती थी वहीं अब(१ जनवरी २०१६ से) साक्षात्कार के स्थान पर पेन एवम् पेपर आधारित वर्णात्मक प्रश्न पूंछे जाते हैं| टीयर IV अर्थात चौथे चरण में कौशल परीक्षा/ कंप्यूटर प्रवीणता परीक्षा ( जहां लागू हो)/ और दस्तावेजों के सत्यापन होता है। इसके बाद आयोग द्वारा प्रत्येक श्रेणी के पद के लिए अखिल भारतीय मेधा सूची जारी किया जाता है जिसमें उन उम्मीदवारों के नाम होते हैं जो वर्णनात्मक/ ऑनलाइन परीक्षा सफल हुए हो ।

  • अहर्ता-शिक्षा - स्नातक
  • आयु सीमा- 18-27 वर्ष (सामान्य वर्ग )

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]