ऐलिबाय (अन्यत्र उपस्थिति)

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साँचा:Criminal defenses

ऐलिबाय, कानूनी कार्यवाही में उपलब्ध बचाव का एक प्रकार का उपाय है जिसमें यह दर्शाया जाता है कि प्रतिवादी उस जगह मौजूद नहीं था जहां कथित अपराध किया गया था। बचाव के लिए सच्चाई का खुलासा न करने पर कानूनी तौर पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है, साथ ही झूठे बहाने या कारण देने के लिए ज़ुर्माना भी देना पड़ सकता है।

ऐलिबाय से बचाव (बहाने से बचाव)[संपादित करें]

ऐलिबाय बचाव का एक न्यायिक उपाय है जिसके तहत एक प्रतिवादी यह साबित करता है या साबित करने की कोशिश करता है कि कथित अपराध के समय वह किसी अन्य जगह पर था; जैसे कहते हैं, ऐलिबाय तैयार करना; ऐलिबाय साबित करना। द क्रिमिनल लों डेस्कबुक ऑफ़ क्रिमिनल प्रोसीजर (The Criminal Law Deskbook of Criminal Procedure)[1] के मुताबिक़: "ऐलिबाय बाकी सभी प्रकार के बहानों या कारणों से अलग है, यह इस बात पर आधारित होता है कि प्रतिवादी वास्तव में निर्दोष है।" लैटिन भाषा में "ऐलिबाय" का अर्थ होता है "अन्यत्र उपस्थिति".

खुलासा करना अनिवार्य[संपादित करें]

कुछ न्याय क्षेत्राधिकारों में ऐसी अनिवार्यता होती है कि प्रतिवादी अपने बचाव के लिए, मुक़दमे से पहले ही किसी ऐलिबाय का खुलासा करे.

कनाडा में, प्रतिवादी को अपनी ऐलिबाय का खुलासा समय रहते करना पड़ता है ताकि अधिकारियों को ऐलिबाय की तहक़ीकात के लिए पर्याप्त समय मिल सके और उसका पूरा विवरण विस्तृत रूप से देना पड़ता है जिससे एक अर्थपूर्ण छानबीन की जा सके। इन दोनों शर्तों का पालन न करने का परिणाम होगा कि न्यायालय बचाव के लिए दिए ऐलिबाय का प्रतिकूल निष्कर्ष निकालेगा (लेकिन बचाव के लिए प्रस्तुत ऐलिबाय का बहिष्करण नहीं किया जाएगा).[2]

इसके विपरीत, अन्य न्याय क्षेत्राधिकारों में कुछ न्यायाधीशों की राय रही है कि मुक़दमे से बहुत पहले ही ऐलिबाय के खुलासे की अनिवार्यता विवादास्पद है, संभवतः असंवैधानिक भी.[3].

झूठा बहाना (ऐलिबाय)[संपादित करें]

झूठा बहाना देने का नतीजा यह हो सकता है कि उसे अपराध (न्याय में रुकावट डालना, झूठी शपथ लेना, इत्यादि) माना जा सकता है, यहां तक कि कुछ न्याय क्षेत्राधिकारों में, मुक़दमे पर ऐसे अपराध का नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है।

कैनडा में, दिए गए झूठे बहाने को न्यायालय द्वारा अपराध की भावना का असली सबूत भी माना जा सकता है, बशर्तें कुछ विशेष अनिवार्यताओं की पूर्ती की गयी हो। [4][5] विशेष रूप से:

  • बहाने पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए;
  • झूठा बहाना गढ़ने के इरादे का सबूत मौजूद हो जो बहाने को झूठा साबित करने के लिए दिए सबूत से अलग हो और
  • न्यायालय ने उन सभी निर्दोष दलीलों को नामंज़ूर किया हो जिनसे झूठे बहाने को गढ़ने के कारण का स्पष्टीकरण हो।

ऐलिबाय एजेंसी[संपादित करें]

ऐलिबाय एजेंसी अक्षम्य अनुपस्थिति के लिए मनगढ़ंत या काल्पनिक स्पष्टीकरण प्रदान करती है, जैसे: विवाहेतर संबंध. 1990 के दशक में जापान में शुरू हुई ऐसी सेवाएं 2004 में सीए (ca), यूरोप में भी उपलब्ध होने लगीं,[6][7] जहां जर्मनी के कैथलिक चर्च ने इनको अनैतिक बताते हुए इनकी निंदा की। [8] ऐसी एजेंसी 2006 में बनी फ़िल्म दि ऐलिबाय (The Alibi) का विषय थीं।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. 1988; ISBN 0-8205-1217-6
  2. पैरा. 3 पर आर. वी. क्लेगहौर्न , [1995] एस. सी. आर. 175
  3. विलियम्स वी. फ्लोरिडा, यूएसएससी (USSC), विसम्मत राय
  4. आर. वी. हिबर्ट , [2002] 2 एस. सी. आर. 445
  5. आर. वी. ओ'कोनोर , (2002) 170 सी.सी.सी. (3डी) 365 (ओंट. सी.ए.)
  6. बोनी मैल्किन: एजेंसी ऑफर्स चिटर्स £12 अलीबी - 12-09-2007 में Telegraph.co.uk पर प्रकाशित
  7. जॉन हूपर: इन्फिडेलिटी फाइंड अ फेथफुल फ्रेंड इन अलीबी एजेंसी - 14-3-2007 में Theage.com.au पर प्रकाशित
  8. हेलेन न्युगेंट, एलन हॉल: नाउ सेक्स चिट्स कैन बाई एन अलीबी फॉर £800 अ डे - 30-08-2004 पर टाइम्स ऑनलाइन में प्रकाशित

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]