उखीमठ

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उखीमठ
Ukhimath
ओमकारेश्वर मंदिर, उखीमठ
ओमकारेश्वर मंदिर, उखीमठ
धर्म संबंधी जानकारी
सम्बद्धताहिंदू धर्म
देवताकेदारनाथ, मध्यमहेश्वर और तुङ्गनाथ का शीतकालीन निवास
त्यौहारमध्यमहेश्वर मेला
अवस्थिति जानकारी
ज़िलारुद्रप्रयाग ज़िला
राज्यउत्तराखण्ड
देश भारत
उखीमठ is located in उत्तराखण्ड
उखीमठ
उत्तराखण्ड में स्थिति
भौगोलिक निर्देशांक30°31′06″N 79°5′43″E / 30.51833°N 79.09528°E / 30.51833; 79.09528निर्देशांक: 30°31′06″N 79°5′43″E / 30.51833°N 79.09528°E / 30.51833; 79.09528
वास्तु विवरण
प्रकारउत्तर भारतीय वास्तु
निर्माताअज्ञात
निर्माण पूर्णअज्ञात
अवस्थिति ऊँचाई1,311 मी॰ (4,301 फीट)

उखीमठ भारत के उत्तराखंड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित एक तीर्थ स्थल है। यह 1311 मीटर की ऊंचाई पर है और रुद्रप्रयाग से 41 किलोमीटर की दूरी पर है। सर्दियों के दौरान, केदारनाथ मंदिर और मध्यमहेश्वर से मूर्तियों (डोली) को उखीमठ रखा जाता है और छह माह तक उखीमठ में इनकी पूजा की जाती है। उषा (बाणासुर की बेटी) और अनिरुद्ध (भगवान कृष्ण के पौत्र) की शादी यहीं सम्पन की गयी थी। उषा के नाम से इस जगह का नाम उखीमठ पड़ा। सर्दियों के दौरान भगवान केदारनाथ की उत्सव डोली को इस जगह के लिए केदारनाथ से लाया जाता है। भगवान केदारनाथ की शीतकालीन पूजा और पूरे साल भगवान ओंकारेश्वर की पूजा यहीं की जाती है। यह मंदिर उखीमठ में स्थित है।

७ जुलाई २०१२ को रुद्रप्रयाग जनपद के दो राजस्व ग्राम डंगवाड़ी तथा भटवाड़ी को मिलाकर नगर पंचायत ऊखीमठ की स्थापना की गई।[1]

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, उषा (बाणासुर की बेटी) और अनिरुद्ध (भगवान कृष्ण के पोते) की शादी यहां हुई थी। उषा के नाम से इस स्थान का नाम उषामठ पड़ा, जो अब ऊखीमठ के नाम से जाना जाता है। राजा मान्धाता ने यहां भगवान शिव की घोर तपस्या की थी। सर्दियों के दौरान, क्षेत्र में भारी हिमपात के कारण केदारनाथ और मध्यमहेश्वर मंदिर बंद कर दिए जाते हैं। नतीजतन, केदारनाथ और मध्यमहेश्वर की उत्सव मूर्तियों को केदारनाथ और मध्यमहेश्वर से ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में लाया जाता है। केदारनाथ और ओंकारेश्वर (ऊखीमठ के पीठासीन देवता) की शीतकालीन पूजा यहां की जाती है। ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में स्थित है, जो रुद्रप्रयाग से 41 किमी की दूरी पर है।

ऊखीमठ में कई अन्य प्राचीन मंदिर हैं जो उषा, शिव, अनिरुद्ध, पार्वती और मांधाता जैसे कई देवी-देवताओं को समर्पित हैं। गुप्तकाशी को गोपेश्वर से जोड़ने वाली सड़क पर स्थित, पवित्र शहर में मुख्य रूप से केदारनाथ के मुख्य पुजारी रहते हैं जिन्हें रावल के नाम से जाना जाता है जो यहां सर्दी बिताने के लिए आते हैं।

ऊखीमठ में एक अखिल भारतीय रेडियो रिले स्टेशन है जिसे आकाशवाणी ऊखीमठ के नाम से जाना जाता है। यह एफएम फ्रीक्वेंसी पर प्रसारित होता है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]