आणविक कृंतन

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

आण्विक कृंतन एक निश्चित डीएनए अनुक्रम को जीवित प्राणियों के भीतर अलग करके उसकी कई प्रतियां प्राप्त करने की प्रक्रिया को दर्शाता है। कृंतन का बार बार प्रयोग द्वारा जीन युक्त डीएनए खंडों का विस्तार किया जाता है, लेकिन इसका प्रयोग डीएनए अनुक्रम जैसे प्रवर्तक (प्रमोटर्स), गैर-कूटित अनुक्रम, रासायनिक रूप से संश्लेषित ऑलिगोन्यूक्लियोटाइड (chemically synthesised oligonucleotides) और यादृच्छिक खंडित डीएनए के विस्तारण के लिए भी किया जाता है। कृंतन का प्रयोग बडे़ पैमाने पर जैविक प्रयोगों और प्रौद्योगिकीय अनुप्रयोगों जैसे कि बड़े पैमाने पर प्रोटीन उत्पादन आदि के लिए किया जाता है।