अर्धचालक उत्पादन

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सिलिकॉन का एकाकी क्रिस्टल (मोनोक्रिस्टल) जिससे विभिन्न प्रकार की अर्धचालक युक्तियों का निर्माण होता है।

जटिल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में सभी जगह प्रयुक्त अर्धचालक युक्तियों (जैसे आईसी)को बनाने की प्रक्रिया को अर्धचालक उत्पादन या निर्माण कहते हैं। इसके अन्तर्गत सैकड़ों चरण (स्टेप) हैं जिनके द्वारा अर्धचालक पदार्थ के एक वेफर पर इलेक्ट्रानिक परिपथ निर्मित किया जाता है। वैसे तो इलेक्ट्रानिक युक्तियों के निर्माण के लिये अनेकों पदार्थ प्रयोग किये जाते हैं किन्तु अधिकांशतः सिलिकॉन ही इसके लिये प्रयुक्त होता है।

आदि से अन्त तक सम्पूर्ण प्रक्रिया में ६ से ८ सप्ताह लगते हैं।

निर्माण के मुख्य चरण[संपादित करें]

सिलिकॉन वेफर से शुरू करके एकीकृत परिपथ के निर्माण को सैकड़ों चरणों से होकर गुजरना पड़ता है। इनमें से सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्रक्रियायें निम्नलिखित हैं-

  • लिथोग्राफी
  • इचिंग
  • डिपॉजिशन
  • रासायनिक एवं यांत्रिक समतलीकरण (Planarization)
  • आक्सीकरण
  • आयन इम्प्लान्टेशन
  • विसरण (डिफ्यूजन)

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]