अर्णोराज चौहान

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अर्णोराज चौहान
Prithvi raj Chauhan.jpg
जीवनसंगीसुधवा और कांचनदेवी
पिताअजयराज
मातासोमल्लदेवी
धर्महिन्दुधर्म

अर्णोराज चौहान ( ( सुनें) /ˈərnrɑːjə xɔːhɑːnə/) (संस्कृत: अर्णोराज चौहान, अंग्रेज़ी: Arnoraj Chauhan) शैवमतानुयायी थे। येे शाकम्बरी के चौहान राजवंश के राजा थे | नल, आवेल्लदेव, आनाक इत्यादि नामान्तरणो से भी प्रसिद्धि थी। अर्णोराज द्वारा पुष्कर का सुप्रसिद्ध वराहमन्दिर निर्मित किया गया। हेमचन्द्र सूरि की पराशक्ति से वशीभूत होकर अर्णोराज का ज्येष्ठपुत्र जगद्देव ने अपने पिता की हत्या कर दी थी। उसने स्वयं राजरूप में सिंहासन पर आधिपत्य किया। परन्तु अर्णोराज का द्वितीय पुत्र ने विग्रहराज ने जगद्देव को पराजित किया। एवं विग्रहराज का आधिपत्य में समादलक्ष-प्रदेश का सम्पूर्ण राज्य अन्तर्निहित हुआ। विग्रहराज ने अपने पिता के अपमान का वैरोद्धार भी किया था।