अमीर अल-मूमिनीन

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अमीर अल-मूमिनीन :(अरबी: أمير المؤمنين), आमतौर पर "विश्वासियों के कमांडर" या "वफादारों के नेता"। कुछ ख़लीफ़ा और अन्य स्वतंत्र मुस्लिम शासकों के नाम की अरबी शैली है जो एक समुदाय से वैधता का दावा करते हैं। मुसलमानों का लीडर, मुस्लिम देशों और साम्राज्यों में शासकों के खिताब के रूप में भी जाना जाता है और अभी भी कुछ मुस्लिम नेताओं के लिए उपयोग किया जाता है

खिताब का उपयोग के लिए ख़लीफ़ा का बनना या होना ही ज़रूरी नहीं है। लेकिन एक निश्चित रूप से विश्वासियों का या कार्यकर्ताओं के नेतृत्व का वर्णन भी किया गया है जो कि एक खलीफा से जुड़ा हुआ हो। तुर्क सुल्तानों ने विशेष रूप से इस खिताब का इस्तेमाल किया है। इसके अलावा, इस शब्द का उपयोग पुरुषों द्वारा किया जाता है, जिनका खलीफा होना ज़रूरी भी नहीं और दावा भी नहीं किया गया। [1]

यह भी देखिये[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Pennell, Richard (11 March 2016). "What is the significance of the title 'Amīr al-mu'minīn?'". The Journal of North African Studies. 21 (4): 623–644. डीओआइ:10.1080/13629387.2016.1157482.