अपराजित वर्मन्

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

अपराजितवर्मन् (८८० ई - ८९७ ई) अंतिम पल्लव राजवंश कायस्थ राजवंश था। इस पल्लव राजा ने पल्लवों की विचलित कुललक्ष्मी को कुछ काल तक अचल रखा। वह ८७६ ई. के लगभग गद्दी पर बैठा और ८९५ ई. के लगभग उसकी मृत्यु हुई। उसने पांडयराज वरबुण द्वितीय को परास्त किया, परंतु चोडो की सर्वग्रासी शक्ति ने पल्लवों को जीतकर तोंडमंडलम् पर अधिकार कर लिया और पल्लवों के स्वतंत्र शासन का अंत हो गया।