अपमान

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अपमान किसी के मन को गलत बात, व्यवहार, कृत्य अथवा भंगिमा द्वारा ठेस पहुँचाना अथव किसी के सम्मान का हनन करना या उसकी पगड़ी उछालना या उसे किसी भी तरीके से जलिल करना या उसकी शारिरिक रचना या जाति का मजाक उड़ाना आदि सब अपमान की श्रेणी में आता है।

उदाहरण

  • किसी को गाली देना या गलत बात कहना।
  • किसी को थप्पड़ मारना या धक्का देना या मारपीट करना।
  • किसी की अजमत खराब करना।
  • किसी के साथ दुर्व्यवहार करना।
  • किसी की शारीरिक रचना का मजाक बनाना।
  • किसी को उसकी छोटी जाति का ताना मारना।
  • अपने बुजुर्गों या बड़ो के साथ जबान लड़ाना उनकी बात ना मानना उन्हें ताने मारना आदि।

महाभारत का पूरा युद्ध केवल और केवल अपमान की आधारशिला पर खड़ा है।

कैसे

  • विदुर द्वारा धृतराष्ट्र को नेत्रहीन बताकर राज सिंहासन के अयोग्य करार देना।
  • द्रोपदी का कर्ण को सुत पुत्र कहकर अपने स्वयंवर से अपमानित कर निकालना।
  • द्रोपदी द्वारा भरी सभा में दुर्योधन को अंधे का पुत्र अंधा कहना।
  • द्रोपदी का भरी सभा में चीर हरण का प्रयास।
  • दुर्योधन का अपने बुजुर्गों के प्रति गलत व्यवहार।
  • कुंती का अपमान के डर से कर्ण को ग॔गा में बहा देना। आदि

दुर्व्यवहार[संपादित करें]

आज की अधिकांश युवा पीढ़ी खुद को इतना समझदार मानती है कि वह अपने बुजुर्गों को अपने आगे बोलने तक नहीं देती उनके साथ जबान लड़ाना तो आजकल फैशन हो गया है । कोई बड़ा जरा कुछ समझाए तो पड़े लिखे कहते हैं ऊँची आवाज नहीं ढंग से बात करो। यह तो कुछ नहीं साहिब आजकल के बच्चे तो माँ बाप को गालिया देने से गुरेज नहीं करते।