अखिल भारतीय हिंदी संस्था संघ, दिल्ली

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स्थापना[संपादित करें]

४ अगस्त १९६४ ई. को भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के प्रयत्न तथा हिन्दी प्रचार करने वाली परीक्षा-मान्यता प्राप्त संस्थाओं के सहयोग से दिल्ली में इस संघ की स्थापना की गई।

उद्देश्य[संपादित करें]

१. संविधान की धारा ३५१ के अनुसार हिन्दी के प्रचार और विकास के लिए राष्ट्रीय मंच की स्थापना करना।

२. हिन्दी के प्रचार तथा विकास के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भारत की विभिन्न स्वैच्छिक हिन्दी संस्थाओं के कार्यों में समन्वय स्थापित करना।

३. विभिन्न स्वैच्छिक हिन्दी संस्थाओं द्वारा संचालित हिन्दी परीक्षाओं के स्तर में एकात्मकता स्थापित करना।

४. भारत सरकार तथा राज्य सरकारों अथवा अन्य किसी संस्था द्वारा संघ को भेजे गए हिन्दी के प्रचार और विकास से संबंधित किसी भी मामले पर सलाह और सहायता देना।

५. ऐसे किसी भी अन्य कार्यकलाप को हाथ में लेना, जो संघ की राय में हिन्दी के प्रचार और कार्य में सहायक हो।

कार्य और कार्य पद्धति[संपादित करें]

संघ अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए निम्नलिखित कार्य कर रहा है :

प्रचारात्मक कार्य[संपादित करें]

क. संघ की ओर से पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण में भारत की स्वैच्छिक हिन्दी संस्थाओं के कार्यकलापों का अध्ययन करने, उनकी समस्याओं का अध्ययन एवं समाधान कराने, हिन्दी के प्रचार और प्रसार की दृष्टि से आवश्यक योजनाओं को कार्यान्वित करने के लिए क्षेत्रीय हिन्दी प्रचारकों, कार्यकर्ताओं के शिविरों का आयोजन।

ख. अखिल भारतीय स्तर पर हिन्दी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन तथा शिविरों का आयोजन।

ग. हिन्दी तथा हिन्दीतर प्रदेशों के विद्वानों के भाषणों की व्यवस्था।

घ. हिन्दीतर भाषी वरिष्ठ साहित्यकारों की हिन्दी प्रदेशों में सद्भावना यात्राएँ।

ड. स्वैच्छिक हिन्दी संस्थाओं के कार्यों में समन्वय स्थापित करना।

च. हिन्दीतर भाषी लेखकों की पुस्तकों की प्रदर्शनी का आयोजन।

छ. सदस्य संस्थाओं के बीच समन्वय, सामंजस्य के लिए सद्भावना यात्राएँ।

ज. गंगाशरण संह अखिल भारतीय वाक स्पर्धा का आयोजन।

शिक्षण कार्य[संपादित करें]

हिन्दी परीक्षा के माध्यम द्वारा होने वाले प्रचार कार्य का मूल्यांकन करना। हिन्दीतर प्रदेशों में हिन्दी शिक्षण और शिक्षकों की कठिनाइयों के बारे में विचार विनिमय। संस्थाओं द्वारा होने वाले हिन्दी प्रचार और शिक्षणात्मक कार्य-नीति के सम्बन्ध में विचार करना।सब प्रकार से हिंदी का शिक्षण में गौरव बनाए रखना।

साहित्यिक कार्य[संपादित करें]

हिन्दीतर भाषी हिन्दी लेखकों तथा हिन्दी साहित्यकारों की संगोष्ठियों सम्मेलनों का आयोजन करना। हिन्दीतर भाषी हिन्दी लेखकों तथा छात्रों का अभिनन्दन करना। हिन्दीतर भाषी हिन्दी लेखकों की रचनाओं का संस्थाओं के सहयोग से प्रकाशन कराना। पत्रिका का प्रकाशन करना। प्रदेशों की परिचयात्मक एवं वार्तालाप गाइडों का प्रकाशन करना एवं राष्ट्रभाषा प्रचार का इतिहास तथा अन्य प्रकाशन।

इसके अतिरिक्त नई परीक्षाओं को मान्यता दिलाने संबंधी कार्य, हिन्दी सलाहकार समितियां में संघ तथा उसकी सदस्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों को केन्द्रीय हिन्दी समिति तथा विभिन्न मंत्रालयों में गठित हिन्दी सलाहकार समितियों में नामित किया जाना, स्वैच्छिक हिन्दी संस्थाओं द्वारा संचालित हिन्दी परीक्षाओं के लिये आदर्श पाठ्यक्रम तैयार करना एवं त्रैमासिक पत्रिका प्रकाशन करना भी इस संस्था के महत्त्वपूर्ण कार्य हैं।

पता 
अखिल भारतीय हिन्दी संस्थान संघ, ३४, कोटला मार्ग, नई दिल्ली-११०००७.