अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन

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अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन का विधिवत गठन दूसरे अधिवेशन 1969 भोपाल में संपन्न हुआ। प्रथम सम्मेलन अमरावती में आयोजित किया गया था। ऑल इंडिया मल्टी लैंग्यूऐजेज कान्फ्रेन्स का प्रथम अधिवेशन वर्ष 1966 में श्री के.जी. जोध, एडवोकेट द्वारा आयोजित किया गया था। इस अधिवेशन की अध्यक्षता डॉ॰ हुमायुं कबीर (पूर्व केन्द्रीय मंत्री) और इस अधिवेशन में उपस्थित विशेष प्रतिनिधियों में सर्वश्री पी. व्ही. नरसिंह राव (आंध प्रदेश के तत्कालीन शिक्षा मंत्री और भारत के पूर्व प्रधान मंत्री), महान क्रांतिकारी राजा महेन्द्र प्रताप (भारत के स्वतंत्रता के पूर्व गठित निर्वासित भारत सरकार के राष्ट्रपति), केन्द्रीय मंत्री, डॉ॰ सरोजिनी महेषी, प्रो॰ अमृत पंड्या, डॉ॰ रमण एलेडेम और म.प्र. के श्री सतीश चतुर्वेदी सम्मिलित थे। श्री चतुर्वेदी ने सम्मेलन का संविधान और नामकरण संस्कार भोपाल के दूसरे अधिवेशन 1969 में पारित करवाकर अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन का श्रीगणेश किया।

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