हार्ड डिस्क ड्राइव

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
हार्ड डिस्क ड्राइव
Hard disk platters and head.jpg
हार्ड डिस्क की आंतरिक संरचना
आविष्कार तिथि १४ दिसम्बर १९५४[1]
आविष्कारकर्ता आईबीएम की टीम
जोड़ता है

होस्ट अडैप्टर द्वारा मदरबोर्ड via one of:

  • PATA (IDE) interface
  • SATA interface
  • SAS interface
  • SCSI interface (popular on servers)
  • FC interface (almost exclusively found on servers)
  • USB interface
Market Segments Desktop computers
Mobile computing
Enterprise computing
Consumer electronic

हार्ड डिस्क ड्राइव[2] (जिसे हार्ड डिस्क,[3] हार्ड ड्राइव,[4] या HDD भी कहते हैं) एक डेटा स्टोरेज यन्त्र हैं जो डिजिटल जानकारी चुम्बकीय रूप से स्टोर और रेटरीव (पुनः प्राप्त) करती हैं। इसमें घूमने वाले डिसक्स होते हैं जिन्हे चुम्बकीय पदार्थ से कोट किया जाता है। बिजली न होने पर भी हार्ड डिस्क अपने डेटा को रेटरीव करती हैं। हार्ड डिस्क से डेटा रैंडम -एक्सेस तरीके से पढ़ा जाता हैं। इसका मतलब है कि डेटा ब्लॉक्स को हार्ड डिस्क में किसी भी जगह स्टोर किया जा सकता हैं क्रमिक रूप से डेटा स्टोर करने की आवश्यकता नहीं हैं।

इसका अविष्कार १९५६ में IBM नामक कंपनी में हुआ था। १९६० के दशक तक हार्ड डिस्क सभी जनरल पर्पज़ कम्प्यूटर में सबसे प्रचलित सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस बन गया । हार्ड डिसक्स में नियमित रूप से सुधार होने लगी और आज सर्वर और पर्सनल कम्प्यूटर्स के ज़माने में भी इसने अपना जगह स्थिर रखा हैं। २०० से भी ज़्यादा कम्पनियो ने हार्ड डिस्क ड्राइव बनाया हैं। हलाकि ज़्यादातर हार्ड डिसकस आज सीगेट(Segate),तोशिबा (Toshiba)और वेस्टर्न डिजिटल (Western Digital) बनाता हैं। सारी दुनिया की स्टोरेज डिस्क रेवेन्यू २०१३ में $ ३२ बिलियन था जो की २०१२ की तुलना में ३ % कम थी।

हार्ड डिस्क उसके केपेसिटी और परफॉरमेंस पर पर विश्लेषित किया जाता हैं। हार्ड डिस्क की केपेसिटी बाईटस में होती हैं १०२४ बाईट को १ किलोबाईट कहा जाता हैं उसी तरह से १०२४ किलोबाइट को १ मेगाबाइट कहा जाता हैं। १०२४ मेगाबाइट को १ गीगाबाइट कहते हैं और १०२४ गीगाबाइट को १ टेराबाइट कहा जाता हैं। हार्ड डिस्क की पूरी कैपेसिटी यूजर के लिए उपलब्ध नहीं होती क्यूंकि कुछ हिस्सा ऑपरेटिंग सिस्टम को स्टोर करने और कुछ और हिस्सा फाइलसिस्टम के लिए और कुछ हिस्सा संभवतः अंदरुनी रिडनडेंसी (inbuilt redundancy) एरर करेक्शन (गलती सुधारने ) और रिकवरी के लिए व्यवहार होता हैं।

आज के हार्ड डिस्क ड्राइव्स डेस्कटॉप कम्प्यूटर्स के लिए ३.५ इंच और लैपटॉप में २.५ इंच के होते हैं। हार्ड डिस्क ड्राइव सिस्टम से SATA, USB या SAS(सीरियल अटैच्ड SCSI) केबल से कनेक्टेड होते हैं। २०१४ तक हार्ड डिस्क ड्राइव को सेकेंडरी स्टोरेज के क्षेत्र में टक्कर देने वाली टेक्नोलॉजी थी फ़्लैश मेमोरी सॉलिड स्टेट ड्राइव के रूप में। आने वाले समय में यह माना जा रहा हैं की HDD अपना अधिपत्य जारी रखेगी लेकिन जहा लेकिन जहा स्पीड और पावर कंसम्पशन ज़्यादा ज़रूरी हैं वह सॉलिड स्टेट डिवाइस को HDD के जगह इस्तेमाल किया जा रहा हैं।

इतिहास[संपादित करें]

HDD को पहली बार १९५६ में IBM रियल टाइम ट्रांसक्शन प्रोसेसिंग कंप्यूटर में डेटा स्टोरेज डिवाइस के रूप में इंट्रोडूस किया गया था। यह जनरल पर्पस मेनफ़्रेम और मिनिकपुटेरस पर इस्तेमाल करने के लिए भी डेवेलप किया गया था।यह पहला IBM ड्राइव 350 RAMAC दो रेफ्रीजिरेटर के समान बड़ा था और यह ५ मिलियन ६ बिट करेक्टर(३.७५ मेगाबाइट ) स्टोर करने की क्षमता रखता था। यह डेटा यह ५० डिसकस के स्टैक्स पर स्टोर करता था।

१९६२ में IBM model १३११ डिस्क ड्राइव लाया जो वाशिंग मशीन के साइज का था और यह रिमूवेबल डिस्क पैक पर २ मिलियन केरेक्टर्स स्टोर कर सकता था। यूजरस अतिरिक्त पैक खरीद सकते थे और उन्हें ज़रुरत के अनुसार आपस में बदल सकते थे, बिलकुल मैगनेटिक टेप्स के रील की तरह। इसके बाद के डिस्क पैक ड्राइव्स जो IBM और दूसरी कम्पनियो ने बनाये थे कम्प्यूटर्स में इस्तेमाल होने लगे और १९८० के दसक तक यह ३०० मेगाबाइट कैपेसिटी तक पहुंच गए। जिन HDD को कम्प्यूटर्स से हटाया नहीं जा सकता था उन्हें "फिक्स्ड डिस्क" ड्राइव कहा जाता हैं।

कुछ हाई परफॉरमेंस HDD बनाये गए थे जिसमे प्रति ट्रैक एक हेड था जैसे IBM 2305 ताकि हेड का एक ट्रैक से दूसरे ट्रैक में जाने में जो समय व्यतीत होता हैं उसे बचाया जा सके। इन्हे "फिक्स्ड हेड" या "हेड पैर ट्रैक" डिस्क ड्राइव कहा जाता था यह बहुत मेहेंगे थे और इन्हे अब बनाया नहीं जाता।

१९७३ में IBM ने एक नए किसम की HDD लॉन्च की जिसको "Winchester" कोडनेम दिया गया था। इस में प्राथमिक तौर से खास बात यह थी की पावर ऑफ होने पर डिस्क हेड पूरी तरह से प्लाटर से अलग नहीं होता था। बल्कि यह हेड डिस्क के एक खास जगह में लैंड होता था तब जब डिस्क का घूमना बंद हो जाता था। फिर से स्टार्ट होने पर डिस्क हेड वह से टेकऑफ करता था। यह हेड एक्टूएटर प्रणाली के खर्चे को कम करने में कारगर साबित हुआ। "विनचेस्टर टेक्नोलॉजी " के पहले ड्राइव्स में रिमूवेबल डिस्क मोड़यूल होते थे। इसमें डिस्क पैक और हेड असेंबली होता था। ऐक्टूएटर मोटर ड्राइव में ही रहता था। इसके बाद वाले "विंचेस्टर" ड्राइव्स में रिमूवेबल डिस्क पैक को हटा और वापस फिक्स्ड डिस्क प्लांटर्स का इस्तेमाल होने लगा।

पहले "विंचेस्टर" ड्राइव्स के प्लांटर्स १४ इंच के व्यास वाले हुआ करते थे। कुछ साल बात इस बात की सम्भावना ढूंढने लगे की अगर प्लांटर्स छोटे हो तो शायद उससे कुछ और फायदे हो सकते हैं। ८ इंच व्यास के प्लांटर्स वाले ड्राइव्स आये और इनके बाद ५ १/४ इंच व्यास के प्लांटर्स वाले ड्राइव्स भी आये। ५ १/४ इंच वाले ड्राइव्स उस समय में तेज़ी से बढ़ते हुए पर्सनल कम्प्यूटर्स के मार्केट के लिए डिज़ाइन किया गया था।

१९८० के दसक के शुरुवात में HDD बहुत मेहेंगे थे लेकिन १९८० के दसक के अंत तक इनके भाव इतने कम हो गए की सबसे सस्ते कम्प्यूटर्स में भी इनको इस्तेमाल किया जाने लगा।

१९८० के दसक के शुरुवात में ज़्यादातर HDD पर्सनल कंप्यूटर यूजरस को एडेड ओन सब सिस्टम के तौर पर बेचा जाता था। इस सब सिस्टम को ड्राइव मैन्युफैक्चरर के नाम से नहीं बल्कि सब सिस्टम मैन्युफैक्चरर के नाम से बेचा जाता था जैसे कोर्वस सिस्टम्स ,टॉलग्रास टेक्नोलॉजीस या तो फिर PC मैन्युफैक्चरर के नाम से जैसे एप्पल प्रोफाइलIBM PC /XT जो IBM ने 1983 में लॉन्च किया था इस कंप्यूटर में एक १० मेगाबाइट का इंटरनल HDD था और इसके बाद से ही पर्सनल कम्प्यूटर्स में इंटरनल HDD नियमित तौर से इस्तेमाल होने लगे ।

एप्पल मैकिनटोश पर एक्सटर्नल HDD लम्बे समय तक इस्तेमाल किये जाते रहे। १९८६ से से १९९८ के बीच हरेक मैकिनटोश कंप्यूटर में पीछे के तरफ एक SCSI पोर्ट हुआ करता था एक्सटर्नल हद्द HDD कनेक्ट करने के लिए।

२०११ के थाईलैंड में आये बाढ़ कई हार्ड डिस्क मैन्युफैक्चरिंग प्लाट्स को नुकसान पहुचाया था जिससे २०१२-२०१३ के बीच हार्ड डिस्क के कीमतों में इज़ाफ़ा हुआ था।

HDD के अविष्कार के बाद निरंतर तरीके से उनकी एरीअल डेंसिटी में इज़ाफ़ा होता रहा हैं।

Improvement of HDD characteristics over time
Parameter Started with Developed to Improvement
Capacity
(formatted)
3.75 मेगाबाइटस [5] eight टेराबाइटस two-million-to-one
Physical volume 68 घन फ़ुट (1.9 मी3)[a][6] 2.1 घन इंच (34 सीसी)[7] 57,000-to-one
Weight 2,000 पाउन्ड (910 किग्रा)[6] 2.2 औंस (62 ग्रा)[7] 15,000-to-one
Average access time about 600 मिलीसेकण्ड्स [6] a few मिलीसेकण्ड्स about
200-to-one
Price US$9 per मेगाबाइट[8][संदिग्ध ] < $0.05 per गीगाबाइट by 2013[9] 180-million-to-one
Areal density 2,000 बिट्स प्रति वर्ग इंच[10] 826 gigabits per square inch in 2014[11] > 400-million-to-one

टेक्नोलॉजी[संपादित करें]

मैगनेटिक रिकॉर्डिंग[संपादित करें]

MagneticMedia

हार्ड डिस्क पर फेर्रोमैगनेटिक पदार्थ का एक पतला फ्लिम होता हैं इसको मैगनेटआइस करके हार्ड डिस्क डेटा रिकॉर्ड करता हैं। क्रमबद्ध तरीके से चुम्बकीय क्षेत्र के दिशा का बदलाव बाइनरी डेटा बिट्स को दर्शाता हैं। चुंबकीकरण के बदलाव को जाँच करके डेटा डिस्क से पढ़ा जाता हैं। एक एन्कोडिंग स्कीम इस्तेमाल करके डेटा को एनकोड किया जाता हैं। जैसे रन लेंथ लिमिटेड एन्कोडिंग । जो डेटा को चुम्बकीय दिशा के परिवर्तन के अनुसार प्रस्तुत करता हैं।

एक HDD में स्पिंडल होता हैं जो सपाट गोल डिसकस (इन्हे प्लांटर्स भी कहा जाता हैं ) को होल्ड करता हैं। प्लांटर्स साधारणतः गैर चुम्बकीय पदार्थ जैसे एलुमिनियम एलाय , ग्लास या सिरेमिक से बने होते है। इन प्लांटर्स के ऊपर चुम्बकीय पदार्थ की कोटिंग की जाती हैं जो डेटा होल्ड करता हैं। इस चुम्बकीय पदार्थ के लेयर की मोटाई १० से २० नैनोमीटर होती हैं और उसकी सुरक्षा के लिए उसके ऊपर कार्बन की एक परत भी होती हैं। यह चुम्बकीय पदार्थ की परत पेपर के मोटाई से भी काम होती हैं जो की ७०००० से १८०००० नैनोमीटर होती हैं।

आजकल के हार्ड डिस्क के प्लांटर्स को अलग अलग स्पीड में घुमाया जाता हैं यह पोर्टेबल डिवाइस में ४२०० rpmसे लेकर हाई परफॉरमेंस सर्वर में १५००० rpm तक होती हैं। पहला HDD १२०० rpm स्पीड में घुमा था और कई वर्ष तक सारे HDD ३६०० rpm में घूमते थे। दिसंबर २०१३ तक ज़्यादातर कंस्यूमर ग्रेड HDD ५४०० rpm या ७२०० rpm स्पीड में घूमते हैं।

प्लाटर जैसे ही रीड - राइट हेड के नीचे घूमता हैं उस समय सुचना प्लाटर पर से पढ़ी जाती हैं या लिखी जाती हैं। रीड - राइट हेड और प्लाटर में दुरी बहोत कम होती हैं बस कुछ नैनोमीटर। रीड - राइट हेड उसके नीचे के चुम्बकीय पदार्थ को पढ़ने और बदलने का काम करता हैं।

आधुनिक HDD में हर चुम्बकीय प्लाटर (जो की एक स्पिंडल से जुड़ा होता हैं ) के ऊपर एक रीड - राइट हेड होता हैं जो की एक कॉमन आर्म से जुड़ा हुआ होता हैं। एक एक्टचुएटर आर्म (एक्सेस आर्म ) हेड को डिस्क के घूमते समय एक आर्क में हिलाता हैं ताकि हरेक हेड प्लाटर के पुरे सतह को एक्सेस कर सके। इस आर्म को हिलाने के लिए वौइस् कोइल एक्टचुएटर या कुछ पुराने डिज़ाइन में स्टेपर मोटर इस्तेमाल किया जाता हैं। ड्राइव में जो चुम्बकीय प्लेट लगी होती उसके ऊपर ऑप्टिकल इंसुलेशन किया जाता है। पहले के हार्ड डिस्क ड्राइव्स कांस्टेंट बिट्स पर सेकंड के तरीके से लिखा जाता था इसलिए हर ट्रैक पर डेटा सामान होता था। लेकिन आधुनिक डिस्क ड्राइव्स में जोन बिट रिकॉर्डिंग इस्तेमाल करते हैं इसमें राइट स्पीड अंदर से बाहर के ट्रैक में जाते हुए बढ़ता रहता हैं इससे बाहर के ट्रैक्स में ज़्यादा डेटा स्टोर होता हैं।

आधुनिक उपकरणों में चुम्बकीय क्षेत्र के छोटे साइज के कारन इस बात की सम्भावना हैं की वह अपनी चुम्बकीय स्तिथि गर्मी के कारन खो सकता हैं। गर्मी के वजह से हुई इस मैग्नेटिक इन्स्टेबिलिटि को "सुपरपारमग्नेटिक लिमिट" भी कहा जाता हैं। इस स्तिथि से बचने के लिए प्लांटर्स को दो पैरेलल मैग्नेटिक लेयर्स से कोट किया जाता हैं इनके बीच एक ३ अणु मोटाई का एक नोनमग्नेटिक लेयर रहता हैं। दोनों लेयर्स विपरीत दिशा में मैगनेटआइस होता हैं , इस प्रकार दोनों लेयर्स एक दूसरे को रीइन्फोर्स करते हैं। थर्मल इफ़ेक्ट से निपटने एक और टेक्नोलॉजी इस्तेमाल होती हैं इसका नाम परपेँडिकुलर रिकॉर्डिंग हैं। इससे रिकॉर्डिंग डेंसिटी भी ज़्यादा मिलती हैं २००५ में इसे पहली बार शिप किया गया था आज कई HDD यह टेक्नोलॉजी इस्तेमाल कर रही हैं।

कंपोनेंट्स[संपादित करें]

एक साधारण HDD में दो इलेक्ट्रिक मोटर्स होते हैं। एक स्पिंडल मोटर जो डिस्क को घुमाती हैं और एक एक्चुएटर मोटर जो रीड/राइट हेड असेंबली को घूमते हुए डिस्क के ऊपर पोजीशन करता हैं। डिस्क मोटर में एक एक्सटर्नल रोटर होता हैं जो डिस्क के साथ अटैच्ड होता हैं, स्टेटर वाइनडिंग्स एक जगह फिक्स्ड होती हैं। एक्चुएटर के ठीक विपरीत एक हेड सपोर्ट आर्म पर एक रीड -राइट हेड होता हैं। यह रीड -राइट हेड बहोत पतले इलेक्ट्रॉनिक सर्किट से एम्पलीफायर इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ कनेक्टेड होता हैं जो एक्चुएटर के पिवट पर स्थित होता हैं। हेड सपोर्ट आर्म बहोत हल्का और ठोस होता हैं आधुनिक उपकरणों में इसका एक्सेलरेशन ५५० g तक हो सकता हैं।

एक्चुएटर एक परमानेंट मैगनेट होता हैं। उसमे एक मूविंग कएल रोटर होता हैं जो सही जगह पर रीड - राइट हेड को मूव करता हैं । एक मेटल प्लेट एक स्क्वाट नेओडिमिनम -आयरन -बोरोन हाई फ्लक्स मैगनेट । इस प्लेट के नीचे एक घूमनेवाला कोइल होता हैं जिसे वौइस् कोइल भी कहते हैं।यह कोइल एक्चुएटर हब से कनेक्टेड रहता हैं और इस कोइल के नीचे एक NIB मैगनेट होता है। इसे मोटर के एकदम निचले प्लेट पर माउंट किया जाता हैं।

वौइस् कोइल का आकार एक एरोहेड जैसा होता हैं और इसे डबल कोट किये हुए कॉपर मैगनेट वायर से बनाया जाता हैं। अंदर की सतह इंसुलेशन के लिए होती हैं और बाहर की सतह थर्माप्लास्टिक की होती हैं। एरोहेड के दोनों तरफ के कोइल मैग्नेटिक फील्ड के साथ इंटरैक्ट करती हैं। जब करंट एक कोइल के अंदर के दिशा में गमन करती हैं और दूसरे कोइल के बाहरी दिशा में गमन करती हैं तब एक tangential फ़ोर्स उत्पन्न होता हैं जो एक्चुएटर को घुमाता हैं।

HDD के इलेक्ट्रॉनिक्स एक्चुएटर के मूवमेंट को नियंत्रित करती हैं और डिस्क के रोटेशन को भी नियंत्रित करती हैं। वह डिस्क कंट्रोलर के इंस्ट्रक्शन के अनुसार डिस्क पर रीड या राइट ऑपरेशन भी करती हैं। ड्राइव इलेक्ट्रॉनिक्स का फीडबैक डिस्क के ख़ास हिस्सों से होता हैं जो सर्वो फीडबैक के लिए डेडिकेटेड होता हैं। यह या तो फिर पूरी तरह से कन्सेन्ट्रिक सर्कल ( डेडिकेटेड सर्वो टेक्नोलॉजी के केस में)होते हैं या हिस्से जिसमे असली डेटा इंटेरस्प्रेड ( एम्बेडेड सर्वो टेक्नोलॉजी के केस में) होता हैं।

एरर रेट और हैंडलिंग[संपादित करें]

आधुनिक डिस्क ड्राइव्स एरर करेक्शन कोड का बहोत इस्तेमाल करती हैं खासकर रीड - सोलमन एरर करेक्शन । यह तकनीक अतिरिक्त बिट्स स्टोर करती हैं। हर डेटा ब्लॉक में कुछ एक्स्ट्रा बिट्स होते हैं जो कुछ गणित के सूत्र इस्तेमाल कर एरर (गलतियों ) को अदृश्य तरीके से सुधारते हैं। यह एक्स्ट्रा बिट्स हार्ड डिस्क में कुछ जगह ज़रूर ले लेते हैं लेकिन यह हार्ड डिस्क पर ज़्यादा रिकॉर्डिंग डेंसिटी होना संभव बनाती हैं और जो एरर इस प्रक्रिया में आ जाते हैं उन्हें ठीक करना भी संभव बनाती हैं। इसका फल यह होता हैं की हार्ड डिस्क की स्टोरेज कैपेसिटी ज़्यादा होती हैं। उदाहरण स्वरूप एक १ TB हार्ड डिस्क जिसमे ५१२ बाइट सेक्टर हैं वह ९३ GB अतिरिक्त ECC डेटा कैपेसिटी पाता हैं।

अन्तः रचना[संपादित करें]

कंप्यूटर हार्ड डिस्क ड्राइव का आरेख

एक हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD) में एक या एक से ज़्यादा तेज घूमने वाले डिसक (प्लाटर ) और और मैग्नेटिक हेड्स होते हैं इन्हे एक चलते हुए अक्टूएटर आर्म के ऊपर रखा जाता हैं ताकि डिस्क के सतह पर डेटा लिखा या पढ़ा जा सके।

जितना समय हेड को सिलिंडर या ट्रैक में ले जाने में लगे और उसके साथ ही जो समय जो सेक्टर को हेड के नीचे घूमने में लगे और कितना डेटा हर सेकंड में ट्रांस्मिट(डेटा ट्रांसफर रेट ) हो रहा हैं इन मापदंडो पर ही हार्ड डिस्क का परफॉरमेंस निश्चित किया जाता हैं।



संदर्भ[संपादित करें]

  1. This is the original filing date of the application which led to US Patent 3,503,060, generally accepted as the definitive disk drive patent; see, Kean, David W., "IBM San Jose, A Quarter Century Of Innovation”, 1977.
  2. Other terms use to describe hard disk drives include disk drive , disk file, DASD (Direct Access Storage Device), fixed disk, CKD disk and Winchester Disk Drive (after the IBM 3340).
  3. Webopedia.com
  4. sid5_gci213993,00.html Techtarget.com
  5. सन्दर्भ त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; 350Cap नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।
  6. सन्दर्भ त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; IBM350 नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।
  7. सन्दर्भ त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; AutoMK-59 नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।
  8. Ballistic Research Laboratories "A THIRD SURVEY OF DOMESTIC ELECTRONIC DIGITAL COMPUTING SYSTEMS," March 1961, section on IBM 305 RAMAC (p. 314-331) states a $34,500 purchase price which calculates to $9,200/MB.
  9. "Farming hard drives: 2 years and $1M later". Backblaze Blog - The Life of a Cloud Backup Company. https://www.backblaze.com/blog/farming-hard-drives-2-years-and-1m-later/. 
  10. "Magnetic head development". https://www-03.ibm.com/ibm/history/exhibits/storage/storage_magnetic.html. अभिगमन तिथि: August 11, 2014. 
  11. "Seagate ST5000DM000 Desktop HDD Product Manual". http://www.seagate.com/www-content/product-content/desktop-hdd-fam/en-us/docs/100743772a.pdf. अभिगमन तिथि: August 11, 2014. 


सन्दर्भ त्रुटि: "lower-alpha" नामक सन्दर्भ-समूह के लिए <ref> टैग मौजूद हैं, परन्तु समूह के लिए कोई <references group="lower-alpha"/> टैग नहीं मिला। यह भी संभव है कि कोई समाप्ति </ref> टैग गायब है।