सी++

विकिपीडिया, एक मुक्त ज्ञानकोष से

यहां जाईयें: नेविगेशन, ख़ोज
सी++
Paradigm Multi-paradigm
Typing discipline Static, unsafe, nominative
Major implementations G++, Microsoft Visual C++, Borland C++ Builder
Dialects ISO/IEC C++ 1998, ISO/IEC C++ 2003
Influenced by C, Simula, Ada 83, ALGOL 68, CLU, ML, Perl
Influenced Ada 95, C#, Java, PHP, D, Aikido, Dao


सी++ (इसे सी प्लस-प्लस बोलते हैं) एक सामान्य उपयोग की कम्प्यूटर की प्रोग्रामन भाषा है। यह एक मध्यस्तरीय भाषा के रूप में जानी जाती है क्योंकि इसमें एक तरफ उच्च-स्तरीय (high level) भाषा के गुण विद्यमान हैं तो दूसरी तरफ निम्नस्तरीय भाषा (low-levellanguage) के गुण भी हैं। यह एक आब्जेक्ट उन्मुखी भाषा (object oriented language) है।


[संपादित करें] सी++ के डिजाइन का दर्शन

जार्न स्तार्स्तप (Bjarne Stroustrup) ने The Design and Evolution of C++ (1994) में सी++ के बारे में कुछ बातें कहीं हैं, वे इस प्रकार हैं :

  • सी++ स्थैतिक टंकित (statically typed), सामान्य-उपयोग वाली (general-purpose) एवं सी भाषा के समान ही दक्ष एवं पोर्टेबल प्रोग्रामिंग भाषा है।
  • सी++ कई तरह के प्रोग्रामिंग की शैलियों (programming styles) का समर्थन करने के हिसाब से रची गयी है। इसमें प्रोसीजरल प्रोग्रामिंग, वस्तु-केन्द्रित प्रोग्रामिंग (object-oriented programming) , मॉड्युलर प्रोग्रामिंग, अथवाजेनेरिक प्रोग्रामिंग शैली में से किसी भी शैली को अपनाकर प्रोग्राम किया जा सकता है।
  • इस बात का ध्यान रखा गया है कि सी++ का सी के साथ अधिक से अधिक सामन्जस्य बना रहे। इस प्रकार सी में लिखे प्रोग्राम अधिकाशतः बिना किसी परिवर्तन के सी++ में चल सकते हैं। इससे 'सी' के जानकारों को सी++ में प्रवेश करने में कोई असुविधा नहीं होती है।
  • सी++ उन फीचर के कारण कोई अतिरिक्त भार नहीं डालती जो प्रोग्राम में अप्रयुक्त हैं।

[संपादित करें] इन्हें भी देखें


[संपादित करें] वाह्य सूत्र

वैयक्तिक औज़ार