सिनसिनवार
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सिनसिनवार जाटों का गोत्र है । इस गोत्र वाले जाटों का उद्गम भरतपुर जिले के सिनसिनी नामक गाँव से माना जाता है । भरतपुर के जाट राजा सूरजमल भी सिनसिनवार गोत्र के जाट थे । सिनसिनी गाँव का नाम सिनसिना देव के आधार पर रखा गया है. महाभारत शल्य पर्व में इसका उल्लेख है.
अदितिर देव माता च हरीः शरीः सवाहा सरस्वती उमा शची सिनीवाली तदा चानुमतिः कुहूः राका च धिषणा चैव पत्न्यश चान्या दिवौकसाम (महाभारत:९.४४.१२)