सरवात पहाड़ियाँ

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सरवात पहाड़ियाँ
جبال السروات
जबाल अल-सरवात
सरवात पर्वतों में एक सड़क

सरवात पर्वतों में एक सड़क

विवरण
अन्य नाम: सरात पहाड़ियाँ
क्षेत्र: Flag of Saudi Arabia.svg सउदी अरब
Flag of Yemen.svg यमन
सर्वोच्च शिखर: जबल अल​-नबी शुएब​
सर्वोच्च ऊँचाई: ३,६६६ मीटर
निर्देशांक: 15°16′45″N 43°58′33″E / 15.27917°N 43.97583°E / 15.27917; 43.97583


सरवात पहाड़ (अंग्रेजी: Sarawat mountains) या सरात पहाड़ (Sarat mountains), जिन्हें अरबी में जबाल अल-सरवात (جبال السروات‎) कहते हैं, अरबी प्रायद्वीप के पश्चिमी तट के बराबर चलने वाली एक पर्वतमाला है। यह उत्तर में जोर्डन-सउदी अरब की सीमा से शुरू होकर सउदी अरब और यमन से गुज़रते हुए दक्षिण में अदन की खाड़ी तक पहुँचते हैं। यह हिजाज़ पहाड़ियों का हिस्सा माने जाते हैं।[1]

सरवात शृंखला का उत्तरी हिस्सा हिजाज़ क्षेत्र में स्थित है इसलिए इसे 'सरात अल-हिजाज़' कहते हैं। सरात अल-हिजाज़ के पहाड़ अधिकतर २,१०० मीटर से कम की ऊँचाई रखते हैं। शृंखला का मध्य भाग 'सरात असीर' और दक्षिणी भाग 'सरात अल-यमन' कहलाते हैं, और इनके पहाड़ ३,३०० मीटर से ऊपर तक पहुँचते हैं। सरवात पहाड़ों का सबसे ऊँचा पहाड़ ३,६६६ मीटर ऊँचा जबल अल​-नबी शुएब पहाड़ है। यह यमन में स्थित और पूरे अरबी प्रायद्वीप का सबसे ऊँचा पहाड़ भी है। प्रमुख इस्लामी तीर्थ-स्थान मक्का और यमन की राजधानी सनआ दोनों ही सरवात पहाड़ी क्षेत्र में स्थित हैं।

विवरण[संपादित करें]

सरवात पहाड़ अरबी प्रायद्वीप की सबसे बड़ी पहाड़ी शृंखला है। इसके पहाड़ पत्थरीले हैं और उनपर जगह-जगह कुछ झाड़-पौधे उगे हुए हैं। कम आयु का होने से कई स्थानों पर चट्टानें और पत्थर नोकीले हैं, हालांकि अन्य जगहों पर हवा-पानी के प्रभाव से गोल भी हो चुके हैं।

कुछ भूगोलशास्त्री यह मत रखते हैं की सुदूर उत्तर में सीरिया और लेबनान के पहाड़ वास्तव में इसी शृंखला का सर्वोत्तरी छोर हैं, लेकिन दूसरे इस से असहमत हैं। सभी मानते हैं कि उत्तरी सउदी अरब में जोर्डन की सीमा से यह शुरू होते हैं फिर तट की बराबरी में दक्षिण की ओर चलते हैं। मदीना के पास आकर यह कम होकर ग़ायब से हो जाते हैं लेकिन थोड़ा ही दक्षिण में ताइफ़ के पास फिर शुरू हो जाते हैं। और दक्षिण में असीर प्रान्त में यह ऊँचाई पकड़ने लगते हैं और कुछ ऊँचाइयाँ ३,००० मीटर से ज़रा कम तक पहुँच जाती हैं। फिर भी यहाँ तक यह अलग-अलग पहाड़ियों की शृंखला कम और तिहामाह के तटवर्ती मैदान के पूर्व में स्थित एक ऊँचे पठार का किनारा ज़्यादा लगते हैं। जबल सौदा, यानि 'सौदा पहाड़' ('जबल' का अर्थ अरबी भाषा में 'पहाड़' होता है) यही स्थित है। यह सउदी अरब का सबसे ऊँचा पहाड़ माना जाता है और इसपर सर्दियों में कभी-कभी हलकी बर्फ़ भी पड़ जाती है।[2]

यमनी सरहद के पास सरवात अलग-अलग शिखरों में नज़र आने लगते हैं और यमनी पठार की तरफ चढ़ाई शुरू कर देते हैं। इस शृंखला के ३,००० मीटर से ऊँचे सभी पहाड़ यमन में हैं। शृंखला का सर्वोच्च शिखर जबल अल​-नबी शुएब (३,६६६ मीटर यानि १२,०२८ फ़ुट) यमन की राजधानी सनआ के पास स्थित है।

सउदी अरब की सबसे अधिक बारिश इसी शृंखला पर पड़ती है।[3]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Patterns of Regional Geography: World regions, pp. 354, Concept Publishing Company, 1990, ISBN 978-81-7022-292-7, ... The famous Sarawat Mountains are known locally as the Hijaz Mountains or Western Highlands. It extends from the northern border with Jordan to the southern border with North Yemen in almost a parallel line with the Red Sea ...
  2. Culture And Customs Of Saudi Arabia, David E. Long, pp. 2, Greenwood Publishing Group, 2005, ISBN 978-0-313-32021-7, ... On Jabal Sawda (Black Mountain) in the Asir Mountains, Saudi Arabia's highest elevation at 3,030 meters, monsoon winds can bring as much as 40 centimeters of annual rainfall and occassional snow in the winter ...
  3. The heritage of the Kingdom of Saudi Arabia, Wahbi Hariri-Rifai, Mokhless Hariri-Rifai, GDG Publications, 1990, ISBN 978-0-9624483-0-0, ... Sarawat mountain range receives the largest amount of annual rainfall in the Kingdom ...