श्रीलंका का भूगोल

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हिन्द महासागर के उत्तरी भाग मे स्थित इस द्वीप राष्ट्र की भूमि केन्द्रीय पहाड़ो तथा तटीय मैदानो से मिलकर बनी है । वार्षिक वर्षा २५०० से ५००० मि.मी. तक होती है । वार्षिक तापमान का औसत मैदानी इलाकों में २७ डिग्री सेल्सियस तथा नुवारा एलिया (ऊंचाई - १८०० मीटर) के इलाके में १५ डिग्री सेल्सियस रहता है ।


इस देश का विस्तार ६-१० गिग्री उत्तरी अक्षांश के मध्य होने, तथा चारो ओर समुद्र से घिरे होने की वजह से यह एक उष्ण कटिबंधीय जलवायु क्षेत्र है । यहां की औसत सापेक्षिक आर्द्रता दिन में ७०% से लेकर रात के समय में ९०% तक हो जाती है । भारतीय उपमहाद्वीप का हिस्सा समझे जाने वाले इस द्वीप को भारत से पाक जलडमरूमध्य अलग करता है । इसका कुल क्षेत्रफल 65,610 वर्ग किलोमीटर है तथा इसकी समुद्रतटीय रेखा 1340 किमी लम्बी है ।


पिदुरुतलगला श्रीलंका का सर्वोच्च बिंदु है जिसकी समुद्रतल से उँचाई लगभग 2500 मीटर है । [1] यानि एवरेस्ट की ऊँचाई के एक तिहाई से भी कम । आदम का पुल (राम सेतु) की तरह श्रीलंका में एक आदम की चोटी भी है जो देश के उत्तर की बजाय दक्षिण में स्थित है । इसे स्थानीय लोग श्री पाद कहते हैं क्योंकि इसके शिखर के समीप एक 1.5 मीटर की रचना है जिसको बौद्ध लोग भगवान बुद्ध का पदचिह्न मानते है । हिन्दू लोग इसे भगवान शिव का पदचिह्न मानते हैं तो मुस्लिम इसे आदम का । यह देश की दूसरी सबसे उँची चोटी है जिसकी समुद्र तल से कोई 2243 मीटर है । यह आसपास के इलाकों से बहुत उन्नत तथा सुन्दर दिखता है तथा पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र है ।

संदर्भ[संपादित करें]

  1. http://www.mongabay.com/reference/country_studies/sri-lanka/GEOGRAPHY.html