वृत्त
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| ज्यामिति |
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ओक्सीरिंकस पेपिरस(P.Oxy. I 29) जो यूक्लिड का एलीमेंट्स का एक टुकड़ा दिखा रहा है
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| ज्यामिति का इतिहास |
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अनुसंधान के क्षेत्रों
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किसी एक निश्चित बिंदु से समान दूरी पर स्थित बिंदुओं का बिंदु पथ वृत्त कहलाता है । यह निश्चित बिंदु, वृत्त का केंद्र कहलाता है । और केंद्र और बिंदु पथ की दूरी वृत्त की त्रिज्या कहलाती है ।
वृत्त एक प्रकार का शांकव होता है जिसकी उत्केंद्रता 0 होती है अर्थात नियता समतल में अनंत पर स्थित होती है
प्रमुख गुण [संपादित करें]
- किसी वृत्त के व्यास द्वारा उसके एक तरफ़ बनाया गया कोण हमेशा 180 डिग्री का होता है ।
- जीवा पर केन्द्र द्वारा डाला गया लम्ब उसका समद्विभाजक भी होता है ।
- चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180 गिग्री होता है ।
- किसी बाह्य बिदु से एक वृत्त पर खींची दो गई स्पर्श रेखाएं बराबर होती हैं ।