समीकरण

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यह लेख गणीतीय समीकरण के सम्बन्ध में है। रसायन शास्त्र में समीकरण के सन्दर्भ में रासायनिक समीकरण देखें।

समीकरण (equation) प्रतीकों की सहायता से व्यक्त किया गया एक गणितीय कथन है जो दो वस्तुओं को समान अथवा तुल्य बताता है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि आधुनिक गणित में समीकरण सर्वाधिक महत्वपूर्ण विषय है। आधुनिक विज्ञान एवं तकनीकी में विभिन्न घटनाओं (फेनामेना) एवं प्रक्रियाओं का गणितीय मॉडल बनाने में समीकरण ही आधारका काम करने हैं।

समीकरण लिखने में समता चिन्ह का प्रयोग किया जाता है। यथा-

2 + 3 = 5.

समीकरण प्राय: दो या दो से अधिक व्यंजकों (expressions) की समानता को दर्शाने के लिये प्रयुक्त होते हैं। किसी समीकरण में एक या एक से अधिक चर राशि (यां) (variables) होती हैं।

चर राशि के जिस मान के लिये समीकरण के दोनो पक्ष बराबर हो जाते हैं, वह/वे मान समीकरण का हल या समीकरण का मूल (roots of the equation) कहलाता/कहलाते है।

ऐसा समीकरण जो चर राशि के सभी मानों के लिये संतुष्ट होता है, उसे सर्वसमिका (identity) कहते हैं। जैसे -

(x + 1)^2 = x^2 + 2x + 1

एक सर्वसमिका है। जबकि

(x + 1)^2 = 2x^2 + x + 1

एक समीकरण है जिसका मूल हैं x=0 एवं x=1.

समीकरणों के गुण[संपादित करें]

यदि कोई समीकरण सत्य है, तो

  1. दोनों पक्षों में समान राशि जोडने से भी सत्य रहेगा
  2. दोनो पक्षों में किसी भी राशि से गुणा करने पर प्राप्त समीकरण भी सत्य होगा
  3. किसी अशून्य राशि से दोनो पक्षों को भाग करने पर प्राप्त समीकरण भी सत्य होगा
  4. सामान्यतः दोनों पक्षों का कोई फलन निकालने पर भी समीकरण सत्य बना रहता है। किन्तु इस बात का ध्यान रखना चाहिये कि कोई वाह्य हल (extraneous solutions) न आ जाय।

पक्षान्तर[संपादित करें]

समीकरण के एक पक्ष में स्थित कोई चर, अचर, व्यंजक आदि को दूसरे पक्ष में ले जाने को पक्षान्तर कहा जाता है। समीकरण हल करने में पक्षान्तर का बहुत महत्व है। पक्षान्तर करने का सिद्धान्त उपर वर्णित समीकरण के गुणों पर ही आधारित है।

समीकरण के प्रकार[संपादित करें]

किसी समीकरण में निहित चर राशियों की प्रकृति के आधार पर समीकरण का वर्गीकरण इस प्रकार किया जा सकता है:

  • बीजगणितीय समीकरण (algebraic equation)
    • रेखीय (Linear equation)
    • द्विघात समीकरण (Quadratic equation)
    • त्रिघात समीकरण (Cubic equation)
  • ट्रान्सिडेन्टल समीकरण (Transcendental equation)
  • अवकलज समीकरण (Differential equation)
    • पूर्ण अवकलज समीकरण (Total Differential equation)
    • आंशिक अवकलज समीकरण (Partial differential equation)
  • अन्तर समीकरण (Difference equation)
  • समाकलन समीकरण (Integral equation)
  • फलनिक समीकरण (Functional equation)

समीकरण का महत्व[संपादित करें]

विज्ञान और तकनीकी में डिजाइन या विश्लेषण करते समय प्रायः समीकरण प्राप्त होते हैं। इनका हल अनेक उपयोगी जानकारी देता है। इसके अलावा आधुनिक विज्ञान एवं तकनीकी में विभिन्न घटनाओं (फेनामेना) एवं प्रक्रियाओं का गणितीय मॉडल बनाने में समीकरण ही आधार का काम करने हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

  • Mathematical equation plotter: Plots 2D mathematical equations, computes integrals, and finds solutions online.
  • Equation plotter: A web page that can plot general equations, not just functions.
  • WZGrapher: A Windows freeware program that plots Cartesian and polar equations, with both integration and differentiation solvers and graphing capabilities.
  • Equation Wizard: Automatic algebraic equation solver
  • EqWorld — contains information on solutions to many different classes of mathematical equations.
  • EquationSolver: A webpage that can solve single equations and linear equation systems.