लू श्याबाओ
लू श्याबाओ चीनी नीतियों के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद करने वाले मानवाधिकारवादी विद्रोही नेता हैं जिन्हे २०१० का नोबेल शांति पुरस्कार का विजेता घोषित किया गया है।
जीवन [संपादित करें]
लू श्याबाओ 20 साल से मानवाधिकार और राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर जाने जाते रहे हैं. साल 1989 में थ्येनआनमन चौराहे पर हुए छात्र आंदोलन ने उनकी ज़िंदगी बदल कर रख दी. वो प्रदर्शनों में भाग लेने के लिए अमरीका छोड़कर चीन आए और जब चार जून को चीनी सुरक्षाबलों ने अन्य जगहों पर गोली चलानी शुरू की तो उन्होंने कुछ छात्रों को चौराहे से हट जाने के लिए राज़ी किया.
दो साल पहले अपनी गिरफ़्तारी से ठीक पहले उन्होंने बीबीसी के साथ बात की और कहा ये वही वो पड़ाव था जब वो आंदोलनकारी बन गए. उनका कहना था, “मुझे जेल में डाला गया...रिहा किया गया...और फिर जेल में डाल दिया गया. मेरे कोई बहुत बड़े सपने नहीं है—जैसे कि मैं इस देश को बचा लूंगा. मेरी एक साधारण सी ख़्वाहिश है कि मैं एक ईमानदार और शालीन लेखक बनूं.”
लेकिन चीन में लिखना ख़तरनाक हो सकता है. लेकिन लू श्याबाओ ने कई विषयों पर लिखते रहे जो देश की कम्यूनिस्ट पार्टी के नेताओं के लिए लगातार झुंझलाहट का कारण बनता रहा. उन्हें गिरफ़्तार तब किया गया जब उन्होंने चार्टर 08 नामक एक दस्तावेज़ लिखने में योगदान दिया. इस दस्तावेज़ में चीन में शांतिपूर्ण राजनीतिक बदलाव की मांग थी. इसमें कहा गया है कि शब्दों को अपराध की तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. लेकिन फिर भी उन्हें देशद्रोह के आरोप में 11 साल की जेल हुई.
कहा जाता है कि उन्हें जानबूझकर क्रिसमस के दिन जेल भेजा गया क्योंकि पश्चिमी देशों में कई लोगों ने उनके लिए आवाज़ उठाई थी. कुछ लोगों का कहना था कि इस दिन को इसलिए भी चुना गया क्योंकि उस दिन बहुत कम लोग टीवी पर समाचार सुनते हैं.
बीबीसी के माईकल ब्रिस्टाव का कहना है कि अगर चीनी अधिकारी सोच रहे थे कि जेल में बंद कर वो लू श्याबाओ को अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों से बाहर रखेंगे तो उन्हें अब पता होगा कि वो असफल रहे हैं.
बाहरी कड़ियाँ [संपादित करें]
- नोबल पर चीनी बल
- कौन हैं लू श्याबाओ?
- जेल में बंद चीनी मानवाधिकार नेता को नोबेल शांति पुरस्कार
- Official Nobel Page for Liu Xiaobo
- Freedom Now (International Lawyers Representing Liu Xiaobo)
- Free Liu Xiaobo now!
- English language articles and interviews
- Film Excerpts of Liu Xiaobo from The Gate of Heavenly Peace
- Interview with Liu Xiaobo (English and Chinese) by PEN American Center यू ट्यूब पर देखें
- The Poet in an Unknown Prison letter by Liu from The New York Review of Books
- 30 September 2009 floor debate in U.S. Congress on the Liu Xiaobo resolution यू ट्यूब पर देखें
- Unofficial English translation of Liu Xiaobo's 2009 criminal verdict
- "Further Questions about Child Slavery in China's Kilns" - the Chinese court supporting Liu Xiaobo's subversion conviction
- Jailed Chinese Dissident Liu Xiaobo Awarded Nobel Peace Prize - video report by Democracy Now!