लायरा तारामंडल

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लायरा तारामंडल
लायरा तारामंडल का एक और चित्र

लायरा एक तारामंडल है जो अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ द्वारा जारी की गई ८८ तारामंडलों की सूची में शामिल है। दूसरी शताब्दी ईसवी में टॉलमी ने जिन ४८ तारामंडलों की सूची बनाई थी यह उनमें भी शामिल था। इसका मुख्य तारा अभिजीत है जो रात्री के आसमान का पाँचवा सब से रोशन तारा है।

अन्य भाषाओँ में[संपादित करें]

अंग्रेज़ी में लायरा तारामंडल को "लायरा कॉन्स्टॅलेशन" (Lyra constellation) कहा जाता है। यूनानी भाषा में "लायरा" (λύρα) शब्द "हार्प" (संगीत वाद्य) के लिए प्रयोग होता है।

तारे[संपादित करें]

लायरा तारामंडल में बायर नाम वाले 25 तारे हैं, जिसमें से 9 के इर्द-गिर्द ग़ैर-सौरीय ग्रह परिक्रमा करते हुए पाए गए हैं। इस तारामंडल के सबसे रोशन तारे इस प्रकार हैं -

  • अभिजीत (अंग्रेज़ी नाम: Vega या वेगा, बायर नाम: α Lyr या अल्फ़ा लायरे) जो पृथ्वी से दिखने वाले तारों में से पाँचवा सब से रोशन तारा है। इसका सापेक्ष कान्तिमान (पृथ्वी से देखा जाने वाला चमकीलापन) 0.03 मैग्निट्यूड पर मापा गया है। ध्यान रहे के मैग्निट्यूड जितना कम हो तारा उतना ही ज़्यादा रोशन होता है।
  • बेटा लायरे (β Lyr, अन्य नाम: शेलियाक) जो एक द्वितारा है। इनका कुल मैग्निट्यूड 3.45 है।
  • गामा लायरे (γ Lyr, अन्य नाम: सुलअफ़ात) जिसमें एक से अधिक तारे हैं जिसका मुख्य तारा एक B9 III श्रेणी का दानव तारा है और 3.24 का मैग्निट्यूड रखता है।
  • डॅल्टा एक लायरे (δ1 Lyr) जो एक द्वितारा है। इनमें से एक तो 0.6 मैग्निट्यूड का नीला-सफ़ेद बौना तारा है और दूसरा एक लाल दानव तारा है।
  • ऍप्सिलन लायरे (ε Lyr) जिसमें दो द्वितारों का जोड़ा है (यानि कुल चार तारे), जिसकी वजह से इसे कभी-कभी "दुगना-दुगना" (अंग्रेज़ी में "डबल-डबल") भी बुलाया जाता है।
  • ज़ेटा लायरे (ζ Lyr) जो एक दोहरा तारा है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]