मेहसाना
| महसाना मेहसाणा |
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| — शहर — | |||||||
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| समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०) | |||||||
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| राज्य | गुजरात | ||||||
| जिला | महसाना | ||||||
| जिलाधिकारी | अजय भादू | ||||||
| जनसंख्या | 98,987 (2001 के अनुसार [update]) | ||||||
| क्षेत्रफल • ऊँचाई (AMSL) |
• 81 मीटर (266 फी॰) |
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विभिन्न कोड
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निर्देशांक: मेहसाणा गुजरात प्रान्त का एक शहर है। यह महसाना जिला का मुख्यालय है। अहमदाबाद से 74 किमी. दूर स्थित मेहसाना जिला गुजरात के सबसे बड़े जिलों में एक है। मेहसाना लगभग 900 साल पुराने सूर्य मंदिर के लिए बहुत प्रसिद्ध है। 9027 वर्ग किमी. के क्षेत्रफल में फैला यह जिला लोहे और स्टील के सबसे बड़े बाजारों में है। यहां स्थित तरंगा, मोदहरा, पाटन, संकेश्वर और महुडी जैन मंदिरों के लिए लोकप्रिय है। जिले का वाडनगर हडकेश्वर मंदिर के लिए चिर्चित है। थोल वन्यजीव अभ्यारण्य अहमदाबाद से 40 किमी. दूर स्थित अन्य प्रमुख दर्शनीय स्थल है। जीव-जंतुओं और वनस्पतियों की विविध प्रजातियां यहां देखी जा सकती हैं।
अनुक्रम |
[संपादित करें] भूगोल
महसाना की स्थिति [1] पर है। यहां की औसत ऊंचाई है 81 मीटर (265 फीट). यह अहमदाबाद महानगर से ६९ मिलोमीटर दूर है।
[संपादित करें] दर्शनीय स्थल
[संपादित करें] तरंगा हिल्स
अहमदाबाद से 140 किमी. दूर स्थित तरंगा हिल्स को जैन मंदिरों के लिए जाना जाता है। इस पहाड़ी को जैन सिद्ध क्षेत्र कहा जाता है। पहाडी पर 5 दिगंबर और 5 श्वेतांबर मंदिर बने हुए हैं। माना जाता है कि इन पहाड़ियों के शिखर पर अनेक संतों ने मोक्ष प्राप्त किया था। 12वीं शताब्दी में यहां श्वेतांबर सोलंकी राजा कुमारपाल ने भगवान अजीतनाथ के सम्मान में यहां एक खूबसूरत मंदिर का निर्माण करवाया था।
[संपादित करें] घंबू तीर्थ
यह लोकप्रिय जैन तीर्थस्थल मेहसाना के घंबू में स्थित है। गंबीरा पार्श्वनाथ को समर्पित यहां का प्रमुख प्रमुख आकर्षण है। यहां तीर्थ यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है। हर साल हजारों की तादाद में सैलानियों का यहां आगमन होता है।
[संपादित करें] श्री अगलोड तीर्थ
अगलोड स्थित यह चर्चित जैन तीर्थस्थल 151 सेमी. ऊंची भगवान वौपूज्यस्वामी की पदमासन मुद्रा में स्थापित प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। मुख्य मंदिर के निकट मनीभद्रवीर मंदिर भी देखा जा सकता है। अदभुत वास्तुकारी का प्रतीक यह मंदिर सिदाना के लिए एक आदर्श स्थल है। मंदिर को गुजरात के सबसे लोकप्रिय मंदिरों में शुमार किया जाता है।
[संपादित करें] रूनी तीर्थ
मेहसाना के रूनी गांव में स्थित यह तीर्थ 126 सेमी. ऊंची भगवान गोडीजी पार्श्वनाथ की सफेद प्रतिमा के लिए लोकप्रिय है। यह मूर्ति पदमासन मुद्रा में स्थापित है। माना जाता है कि इसे हेमचन्द्राचार्य ने 450 साल पहले स्थापित किया था।
[संपादित करें] श्री भोयानी तीर्थ
भोयानी गांव में स्थित जैन तीर्थस्थल भगवान मल्लीनाथ की सफेद मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है। पदमासन मुद्रा में स्थापित इस मूर्ति की ऊंचाई लगभग 1 मीटर है। मंदिर परिसर में तीन खूबसूरत गोपुरों को देखा जा सकता है। इसके निकट ही पदमावती देवी को समर्पित परिसर भी अति सुंदर है। इतिहास में उल्लेख है कि इसे पदमावती नगर के नाम से जाना जाता है। मंदिर में स्थापित मूल प्रतिमा खेद में कुंआ खोदते हुए मिली थी। हर साल माघ के महीने में यहां एक उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।
[संपादित करें] शंखेश्वर पदमावती तीर्थ
मेहसाना के शंखेश्वर में स्थित यह जैन तीर्थस्थल 125 फीट ऊंची पदमावती देवी की आकर्षक प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। पदमावती देवी की मूर्ति के अलावा सरस्वती देवी, महालक्ष्मी देवी, नकोडा भरवजी और मनीभद्रवीर की प्रतिमाएं भी यहां देखी जा सकती हैं। इस तीर्थस्थल में यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है। इस तीर्थ के निकट ही 108 भक्तिविहार पार्श्वनाथ, श्री अगम मंदिर तीर्थ, भक्तामर मंदिर और गुरूमंदिर भी देखे जा सकते हैं।
[संपादित करें] आवागमन
- वायु मार्ग
मेहसाना का निकटतम एयरपोर्ट अहमदाबाद विमानक्षेत्र है, जो यहां से करीब 100 किमी. की दूरी पर है। देश के अनेक हिस्सों से यह एयरपोर्ट जुड़ा हुआ है।
- रेल मार्ग
मेहसाना रेलवे स्टेशन देश के अनेक हिस्सों से रेलमार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है।
- सड़क मार्ग
राज्य परिवहन और निजी बसें मेहसाना के लिए नियमित चलती रहती हैं। गुजरात और पड़ोसी राज्यों से मेहसाना सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है।
[संपादित करें] संदर्भ
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