मानज़ाई

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सन् १८२५ के लगभग बना मानज़ाई प्रदर्शन का एक चित्रण

मानज़ाई (जापानी: 漫才, अंग्रेज़ी: Manzai) जापान की मनोरंजन संस्कृति में व्यंग्य-प्रदर्शन की एक पारंपरिक शैली है। इसमें आमतौर पर दो कलाकार भाग लेते हैं। एक 'त्सुक्कोमी' (突っ込み, tsukkomi) कहलाता है और उसका काम सीधा बात करना होता है, और दूसरा 'बोके' (ボケ, boke) कहलाता है और वह मसख़री करता है।[1] यह भारतपाकिस्तान की उस्ताद-जमूरा व्यंग्य शैली से काफ़ी मिलता है।

प्रदर्शन में त्सुक्कोमी कोई समझदारी की सीधी बात कहता है तो बोके उसे बुद्धिहीनता से या जानबूझकर ग़लत समझता है और व्यंग्यपूर्ण बात करता है या दोहरे (अश्लील) अर्थ वाली चीज़े कहता है। त्सुक्कोमी उसे डांटता-फटकारता रहता है। अक्सर नाराज़ होकर वह उसे एक पारंपरिक जापानी काग़ज़ के पंखे से सर पर मारता है। मानज़ाई का ओसाका क्षेत्र के साथ विशेष सम्बन्ध रहा है। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इसकी लोकप्रियता में कुछ कमी आई थी।[2]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Understanding Humor In Japan, Jessica Milner Davis, pp. 61, Wayne State University Press, 2006, ISBN 978-0-8143-3165-1, ... The boke's ideas seem to run freely with the perspectives of his own unique, absurd world, while the tsukkomi tries to apply a line of reasoning or common sense to the dialogue ...
  2. The Rough Guide to Japan, Jan Dodd, Jan Dodd Simon Richmond, pp. 437, Rough Guides, 2001, ISBN 978-1-85828-699-0, ... Manzai. a comic form of storytelling told by a duo, is performed all over Japan, though it is strongly associated with the Kansai region, and Osaka in particular. Frequently vulgar, manzai nonetheless has a broad appeal, especially amongst a younger audience ...