मातृवंश समूह ऍन

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मानवों के अफ़्रीका से निकलने के बाद, मातृवंश समूह ऍम और ऍन (और उनकी उपशाखाओं) के वंशजों नें एशिया और यूरोप को आबाद किया

मनुष्यों की आनुवंशिकी (यानि जॅनॅटिक्स) में मातृवंश समूह ऍन या माइटोकांड्रिया-डी॰एन॰ए॰ हैपलोग्रुप N एक मातृवंश समूह है। इस मातृवंश समूह और मातृवंश समूह ऍम ने मानव इतिहास में बहुत बड़ा किरदार अदा किया है क्योंकि अफ़्रीका के बहार जितने भी मानव हैं वे इन दोनों या इनकी उपशाखाओं के वंशज हैं। मातृवंश समूह ऍन और मातृवंश समूह ऍम मातृवंश समूह ऍल३ की दो उपशाखाएँ हैं। माना जाता है के जब मनुष्य अफ़्रीका के अपने जन्मस्थल से पहली बार निकले तो जो महिला या महिलाएँ अफ़्रीका से बाहर निकलीं वे इसी मातृवंश समूह ऍल३ की वंशज थी। मातृवंश समूह ऍन की उपशाखाएँ विश्व भर में मिलती हैं लेकिन उप-सहारा अफ़्रीका में बहुत कम संख्या में मिलती है। वैज्ञानिकों का अंदाज़ा है के अफ़्रीका में जो इस मातृवंश के लोग हैं उनके पूर्वज यूरेशिया से अफ़्रीका आये थे। इसकी मातृवंश समूह ऍन५ उपशाखा ज़्यादातर भारतीय महाद्वीप में ही मिलती है।[1]

अनुमान है के जिस स्त्री से यह मातृवंश शुरू हुआ वह आज से लगभग ७१,००० वर्ष पहले एशिया या पूर्वी अफ़्रीका की निवासी थी।[2][3][4][5][6]

अन्य भाषाओँ में[संपादित करें]

अंग्रेज़ी में "वंश समूह" को "हैपलोग्रुप" (haplogroup), "पितृवंश समूह" को "वाए क्रोमोज़ोम हैपलोग्रुप" (Y-chromosome haplogroup) और "मातृवंश समूह" को "एम॰टी॰डी॰एन॰ए॰ हैपलोग्रुप" (mtDNA haplogroup) कहते हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Palanichamy MG, Sun C, Agrawal S, et al. (2004). "Phylogeny of mitochondrial DNA macrohaplogroup N in India, based on complete sequencing: implications for the peopling of South Asia". American Journal of Human Genetics 75 (6): 966–78. doi:10.1086/425871. PMC 1182158. PMID 15467980. 
  2. MacAulay, V.; Hill, C; Achilli, A; Rengo, C; Clarke, D; Meehan, W; Blackburn, J; Semino, O एवम् अन्य (2005). "Single, Rapid Coastal Settlement of Asia Revealed by Analysis of Complete Mitochondrial Genomes". Science 308 (5724): 1034. doi:10.1126/science.1109792. PMID 15890885. "Haplogroup L3 (the African clade that gave rise to the two basal non-African clades, haplogroups M and N) is 84,000 years old, and haplogroups M and N themselves are almost identical in age at 63,000 years old, with haplogroup R diverging rapidly within haplogroup N 60,000 years ago.". 
  3. Richards, Martin; Bandelt, Hans-JüRgen; Kivisild, Toomas; Oppenheimer, Stephen (2006). A Model for the Dispersal of Modern Humans out of Africa. 18. p. 225. doi:10.1007/3-540-31789-9_10. "subclades. L3b d, L3e and L3f, for instance, are clearly of African origin, whereas haplogroup N is of apparently Eurasian origin". 
  4. Gonder, M. K.; Mortensen, H. M.; Reed, F. A.; De Sousa, A.; Tishkoff, S. A. (2006). "Whole-mtDNA Genome Sequence Analysis of Ancient African Lineages". Molecular Biology and Evolution 24 (3): 757. doi:10.1093/molbev/msl209. PMID 17194802. "the presence of haplogroups N1 and J in Tanzania suggest "back" migration from the Middle East or Eurasia into eastern Africa, which has been inferred from previous studies of other populations in eastern Africa". 
  5. Olivieri, A.; Achilli, A.; Pala, M.; Battaglia, V.; Fornarino, S.; Al-Zahery, N.; Scozzari, R.; Cruciani, F. एवम् अन्य (2006). "The mtDNA Legacy of the Levantine Early Upper Palaeolithic in Africa". Science 314 (5806): 1767. doi:10.1126/science.1135566. PMID 17170302. "The scenario of a back-migration into Africa is supported by another feature of the mtDNA phylogeny. Haplogroup M's Eurasian sister clade, haplogroup N, which has a very similar age to M and no indication of an African origin". 
  6. Chandrasekar A, Saheb SY, Gangopadyaya P, et al. (2007). "YAP insertion signature in South Asia". Annals of Human Biology 34 (5): 582–6. doi:10.1080/03014460701556262. PMID 17786594.