मातृवंश समूह ऍल३

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अफ़्रीका से बाहर मिलने वाले सारे मातृवंश मातृवंश समूह ऍल३ से उत्पन्न हुई शाखाएँ हैं

मनुष्यों की आनुवंशिकी (यानि जॅनॅटिक्स) में मातृवंश समूह ऍल३ या माइटोकांड्रिया-डी॰एन॰ए॰ हैपलोग्रुप L3 एक मातृवंश समूह है। इस मातृवंश की मानव इतिहास में बहुत ही अहम भूमिका रही है, क्योंकि जब मनुष्य अफ़्रीका के अपने जन्मस्थल से पहली बार निकले तो जो महिला या महिलाएँ अफ़्रीका से बाहर निकलीं वे इसी की वंशज थी। अफ़्रीका के महाद्वीप से बाहर विश्व-भर में मिलने वाले जितने भी मातृवंश हैं, वे सब इसी मातृवंश समूह ऍल३ से उत्पन्न हुई शाखाएँ हैं।[1] मातृवंश समूह ऍल३ के सीधे वंशज (यानि इसकी बड़ी ग़ैर-अफ़्रीकी उपशाखाओं के नहीं) ज़्यादातर पूर्वी अफ़्रीका में मिलते हैं, जैसे की इथियोपिया और सोमालिया में। अनुमान है के जिस स्त्री से यह मातृवंश शुरू हुआ वह आज से लगभग ८४,००० से १०४,००० वर्ष पहले पूर्वी अफ़्रीका की निवासी थी।[2][3]

अन्य भाषाओँ में[संपादित करें]

अंग्रेज़ी में "वंश समूह" को "हैपलोग्रुप" (haplogroup), "पितृवंश समूह" को "वाए क्रोमोज़ोम हैपलोग्रुप" (Y-chromosome haplogroup) और "मातृवंश समूह" को "एम॰टी॰डी॰एन॰ए॰ हैपलोग्रुप" (mtDNA haplogroup) कहते हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Behar, Doron M.; Villems, Richard; Soodyall, Himla; Blue-Smith, Jason; Pereira, Luisa; Metspalu, Ene; Scozzari, Rosaria; Makkan, Heeran एवम् अन्य (2008). "The Dawn of Human Matrilineal Diversity". The American Journal of Human Genetics 82 (5): 1130–40. doi:10.1016/j.ajhg.2008.04.002. PMID 18439549. 
  2. Gonder, M. K.; Mortensen, H. M.; Reed, F. A.; De Sousa, A.; Tishkoff, S. A. (2006). "Whole-mtDNA Genome Sequence Analysis of Ancient African Lineages". Molecular Biology and Evolution 24 (3): 757–68. doi:10.1093/molbev/msl209. PMID 17194802. 
  3. Salas, A (2002). "The Making of the African mtDNA Landscape". The American Journal of Human Genetics 71 (5): 1082–111. doi:10.1086/344348. PMID 12395296.