मर्मदेशम्
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| मर्मदेशम् | |
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| चित्र:Vidathukaruppu dvd.jpg DVD cover for Vidathu Karuppu |
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| फॉर्मैट | भारतीय सोप ओपेरा |
| सर्जनकर्ता | Minbimbangal |
| लिखित | इन्दिरा सौन्दर राजन् |
| निर्देशित | नाग |
| मूल देश | भारत |
| भाषा(एं) | तमिल भाषा |
| निर्माण | |
| निर्माता | के. बालाचन्दर |
| रनिंग समय | 30 मिनट |
| प्रसारण | |
| मूल चैनल | सन टीवी, राज टीवी |
| चित्र फॉर्मैट | 576i (SDTV) |
| मूल प्रसारण | 1997 – 2001 |
मर्मदेशम् (तमिल: மர்மதேசம்), जिसका अर्थ है रहस्यमयी प्रदेश, नाग द्वारा निर्देशित एक तमिल धारावाहिक है। इसका प्रसारण 1997 से 2001 के बीच हुआ। इस धारावाहिक के भारी सफलता मिली।
अनुक्रम |
मुख्य कलाकार [संपादित करें]
- पूविलङ्गु मोहन
- मोहन वी. राम
- डेल्ही गणेश
- चेतन
- देवदर्शिनी
- पृथ्वीराज
- तलइवसल् विजय
कहानियाँ [संपादित करें]
यह टीवी धारावाहिक लघुकथाओं पर आधारित है, जो अलौकिक घटनाओं से संबंधित हैं। हालाँकि कहानियाँ काल्पनिक हैं, लेकिन वे कुछ वास्तविक विश्वासों और वास्तविक-जीवन की परंपराओं का अन्वेषण करती हैं।
मुख्य कहानियाँ हैं:
- रहसियम् (तमिल: ரகசியம்) (हिन्दी: रहस्य) (निदेशक: नाग) .. रहस्यमयी इलाज नव भाषण लिङ्गम् की दन्तकथा का अन्वेषण करती है।
- विडादु करुप्पु (तमिल: விடாது கருப்பு) (हिन्दी: करप्पु कभी नहीं छोड़ते) (निदेशक: नाग).. हिन्दू ग्रामीण देवता करप्पु सामि की दन्तकथा का अन्वेषण करती है।
- चिदम्बर रहसियम् .. प्राचीन दवाओं की शक्ति तथा उनकी रोगोपचार क्षमता का अन्वेषण करती है।
- सोर्ण रेखइ (तमिल: சொர்ண ரேகை) (हिन्दी: स्वर्णिम हस्तरेखाएँ)(निदेशक: सी.जे.भास्कर) .. हस्तरेखा विज्ञान के क्षेत्र का अन्वेषण करती है।
- इयन्तिर परवइ (तमिल: இயந்திர பறவை) (हिन्दी: यान्त्रिक पक्षी) (निदेशक: सी.जे. भास्कर).. वर्मकलइ की प्रथा का अन्वेषण करती है।
- एदुवुम् नडक्कुम् (तमिल: எதுவும் நடக்கும்) (हिन्दी: आसमान के लोग) (निदेशक: नाग).. कल्पवृक्ष की मान्यता तथा पर्यावरण को सजीव मानने का अन्वेषण करती है।
लोकप्रियता [संपादित करें]
मर्मदेशम् एक अत्यन्त सफल टीवी धारावाहिक था। 1988 में चेन्नइ से प्रसारित हुए कार्यक्रमों में यह प्रथम स्थान पर था।[1]
सन्दर्भ [संपादित करें]
- ↑ Amos Owen Thomas (2005). Imagi-nations and borderless television: media, culture and politics across Asia. SAGE. pp. 115. ISBN 0-7619-3395-6, ISBN 978-0-7619-3395-3.