तितली

विकिपीडिया, एक मुक्त ज्ञानकोष से

यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
तितलियाँ
कैर्न्स बर्डविग, ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी तितली, मेलबर्न वन्य-प्राणीउद्यान में
कैर्न्स बर्डविग, ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी तितली, मेलबर्न वन्य-प्राणीउद्यान में
वैज्ञानिक वर्गीकरण
जगत: पशु
फायलम: आर्थ्रोपोडा
वर्ग: इन्सेक्टा
क्रम: लेपीडोप्टेरा
(अश्रेणिकृत) रोपैलोसेरा
उप-समूह

तितली कीट वर्ग का सामान्य रूप से हर जगह पाया जानेवाला प्राणी है। यह बहुत सुन्दर तथा आकर्षक होती है।[१] दिन के समय जब यह एक फूल से दूसरे फूल पर उड़ती है और मधुपान करती है तब इसके रंग-बिरंगे पंख बाहर दिखाई पड़ते हैं। इसके शरीर के मुख्य तीन भाग हैं सिर, वक्ष तथा उदर। इनके दो जोड़ी पंख तथा तीन जोड़ी सन्धियुक्त पैर होते हैं अतः यह एक कीट है। इसके सिर पर एक जोड़ी संयुक्त आँख होती हैं तथा मुँह में घड़ी के स्प्रिंग की तरह प्रोवोसिस नामक खोखली लम्बी सूँड़नुमा जीभ होती है जिससे यह फूलों का रस (नेक्टर) चूसती है। ये एन्टिना की मदद से किसी वस्तु एवं उसकी गंध का पता लगाती है।

तितली एकलिंगी प्राणी है अर्थात नर तथा मादा अलग-अलग होते हैं। मादा तितली अपने अण्डे पत्ती की निचली सतह पर देती है। अण्डे से कुछ दिनों बाद एक छोटा-सा कीट निकलता है जिसे कैटरपिलर लार्वा कहा जाता है। यह पौधे की पत्तियों को खाकर बड़ा होता है और फिर इसके चारों ओर कड़ा खोल बन जाता है। अब इसे प्यूपा कहा जाता है। कुछ समय बाद प्यूपा को तोड़कर उसमें से एक सुन्दर छोटी-सी तितली बाहर निकलती है।[२] तितली का दिमाग़ बहुत तेज़ होता है। देखने, सूंघने, स्वाद चखने व उड़ने के अलावा जगह को पहचानने की इनमें अद्भुत क्षमता होती है। वयस्क होने पर आमतौर पर ये उस पौधे या पेड़ के तने पर वापस आती हैं, जहाँ इन्होंने अपना प्रारंभिक समय बिताया होता है।

पुष्प से रसास्वादन करती हुई तितली

तितली का जीवनकाल बहुत छोटा होता है। ये ठोस भोजन नहीं खातीं, हालाँकि कुछ तितलियाँ फूलों का रस पीती हैं। दुनिया की सबसे तेज़ उड़ने वाली तितली मोनार्च है। यह एक घंटे में १७ मील की दूरी तय कर लेती है। कोस्टा रीका में तितलियों की १३०० से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं। दुनिया की सबसे बड़ी तितली जायंट बर्डविंग है, जो सोलमन आईलैंड्स पर पाई जाती है। इस मादा तितली के पंखों का फैलाव १२ इंच से ज्यादा होता है। [३]

संदर्भ

  1. त्रिपाठी, नरेन्द्र नाथ (जुलाई २००४)। सरल जीवन विज्ञान, भाग-२। कोलकाता: शेखर प्रकाशन। अभिगमन तिथि: २३ जून, २००९
  2. शर्मा, कैलाश नाथ (जुलाई २००४)। आधुनिक जीव विज्ञान, भाग-२। कोलकाता: कमला पुस्तक भवन। अभिगमन तिथि: २३ जून, २००९
  3. ख़ूबसूरत ही नहीं तेज़ दिमाग़ भीः तितली (एचटीएमएल)। दैनिक भास्कर। अभिगमन तिथि: १ सितंबर, २००९