छोटी माता
| छोटी माता चिकन पॉक्स वर्गीकरण एवं बाह्य साधन |
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| वैरिसेला रोग सहित बच्चा | ||
| आईसीडी-१० | B01. | |
| आईसीडी-९ | 052 | |
| डिज़ीज़-डीबी | 29118 | |
| मेडलाइन प्लस | 001592 | |
| ईमेडिसिन | ped/2385 derm/74, emerg/367 | |
| एम.ईएसएच | C02.256.466.175 | |
छोटी माता (अंग्रेज़ी:चिकन पॉक्स) वेरीसेल्ला जोस्टर वायरस से फैलनेवाली एक संक्रामक बीमारी है। यह बहुत ही संक्रामक होती है और संक्रमित निसृत पदार्थों को सांस के साथ अंदर ले जाने से फैलती है।
अनुक्रम |
[संपादित करें] लक्षण
दोदरे पड़ने की विशिष्टताएं:
- लाल, उभरे दोदरे से आरंभ होना
- दोदरे फफोलों में बदलना, मवाद से भरना, फूटना और खुरदरे पड़ना
- प्रमुख रूप से चेहरे, खोपड़ी और रीढ़ पर दिखाई देते हैं तथापि भुजाओं, टांगो पर भी यह होते हैं।
- तेज खुजली हो सकती है।
[संपादित करें] बुखार
मेरा नाम आसिफ है और मुझे कई दिनो से बुखार है और मेरे चेह्रे और हाथो मै फ्हुन्सि हो रही है क्या ये छोटी माता तो नही।
[संपादित करें] रोकथाम
छोटी माता (चिकेन पॉक्स) के लिए आजकल एक टीका उपलब्ध है जो कि 12 महीने से अधिक आयु वाले उस व्यक्ति को दिया जा सकता है जिसे यह बीमारी न हुई हो और जिसमें छोटी-माता (चिकेन पॉक्स) से सुरक्षा के पर्याप्त प्रतिकारक उपलब्ध न हो।
छोटी-माता (चिकेन पॉक्स) वाले बच्चों को एस्प्रीन लेने पर रेईस सिन्ड्रोम हो सकता है जो कि बहुत गंभीर बीमारी है तथा इससे मस्तिष्क की खराबी हो सकती है और वह मर भी सकता है। बच्चों को छोटी-माता (चिकेन पाक्स) होने पर एस्प्रीन की गोली कदापि न दें। डॉक्टर द्वारा विशेष रूप से विनिर्धारित करने पर ही बच्चों को किसी अन्य बीमारी के लिए एस्प्रीन देनी चाहिए। बच्चों को गोली की दवाई देते समय डॉक्टर से जांच करा लेना अति उत्तम है। वयस्क में निमोनिया होने का खतरा विशेष रूप से बना रहता है। इसके अतिरिक्त एचआईवी से संक्रमित या प्रतरोधी प्रणाली में कमी वाले रोगियों को निमोनिया का अधिकतर खतरा होता है। ऐसी गर्भवती महिलाएं जिनको पहले कभी छोटी-माता (चिकेन पाक्स) नहीं हुई है, उनको सक्रिया वायरस वाले के संपर्क में नहीं आना चाहिए।
[संपादित करें] संदर्भ
[संपादित करें] बाहरी सूत्र
| विकिमीडिया कॉमन्स पर Chickenpox से सम्बन्धित मीडिया है। |