गाउस का नियम
मुक्त ज्ञानकोष विकिपीडिया से
भौतिकी में गाउस का नियम (Gauss's law) वह नियम है जो विद्युत आवेश के वितरण एवं उनके कारण उत्पन्न विद्युत क्षेत्र में संबंध स्थापित करता है। इस नियम के अनुसार,
- किसी बंद तल से निकलने वाला विद्युत फ्लक्स उस तल द्वारा घिरे हुए कुल विद्युत आवेश की मात्रा के समानुपाती होता है।
इस नियम का प्रतिपादन सन् १८३५ में कार्ल फ्रेडरिक गाउस (Carl Friedrich Gauss) ने किया था किन्तु इसका प्रकाशन सन् १८६७ तक नहीं कर सके। यह नियम मैक्सवेल के चार समीकरणों में से एक है। गाउस का नियम, कूलाम्ब के नियम से निष्पादित (derive) किया जा सकता है। (इसका उलटा भी सत्य है - कुलाम्ब का नियम, गाउस के नियम से निकाला जा सकता है।)
अनुक्रम |
[संपादित करें] निर्वात में गाउस का नियम
[संपादित करें] समाकलन के रूप में
जहाँ,
- सदिश
क्षेत्र सदिश है;
निर्वात की परमिटिविटी है।
[संपादित करें] अवकलन रूप में
जहाँ:
– विद्युत क्षेत्र का डाइवर्जेंस है;
– आवेश घनत्व है।
[संपादित करें] बाहरी कड़ियाँ
- MIT Video Lecture Series (30 x 50 minute lectures)- Electricity and Magnetism Taught by Professor Walter Lewin.
- section on Gauss's law in an online textbook
- MISN-0-132 Gauss's Law for Spherical Symmetry (PDF file) by Peter Signell for Project PHYSNET.
- MISN-0-133 Gauss's Law Applied to Cylindrical and Planar Charge Distributions (PDF file) by Peter Signell for Project PHYSNET.
- The inverse cube law The inverse cube law for dipoles (PDF file) by Eng. Xavier Borg

क्षेत्र सदिश है;
निर्वात की परमिटिविटी है।
– विद्युत क्षेत्र का डाइवर्जेंस है;
– आवेश घनत्व है।