मैक्सवेल के समीकरण

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जेम्स क्लार्क मैक्सवेल्ल्

विद्युत्चुम्बकत्व के क्षेत्र में मैक्सवेल के समीकरण चार समीकरणों का एक समूह है जो वैद्युत क्षेत्र, चुम्बकीय क्षेत्र, वैद्युत आवेश, एवं विद्युत धारा के अन्तर्सम्बधों की गणितीय व्याख्या करते हैं। ये समीकरण सन १८६१ में जेम्स क्लार्क मैक्सवेल के शोधपत्र में छपे थे, जिसका शीर्षक था - ऑन फिजिकल लाइन्स ऑफ फोर्स

मैक्सवेल के समीकरणों का आधुनिक स्वरूप निम्नवत है :

गाउस का नियम \nabla \cdot \mathbf{E} = \frac {\rho} {\epsilon_0}
चुम्बकत्व के लिये गाउस का नियम \nabla \cdot \mathbf{B} = 0
फैराडे का प्रेरण का नियम \nabla \times \mathbf{E} = -\frac{\partial \mathbf{B}} {\partial t}
एम्पीयर का नियम
  मैक्सवेल द्वारा इसमें विस्थापन धारा (displacement current) के समावेश के साथ  
\nabla \times \mathbf{B} = \mu_0 \mathbf{J} + \mu_0 \epsilon_0 \frac{\partial \mathbf{E}} {\partial t}

उपरोक्त समीकरणों में लारेंज बल का नियम भी सम्मिलित कर लेने पर शास्त्रीय विद्युतचुम्बकत्व की सम्पूर्ण व्याख्या हो पाती है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

वाह्य सूत्र[संपादित करें]

आधुनिक[संपादित करें]

ऐतिहासिक[संपादित करें]

फीनमान द्वारा मैक्सवेल समीकरणों की व्युत्पत्ति[संपादित करें]

अन्य[संपादित करें]

Simple explanation of the equations and their physical implications - David Morgan-Mar - Irregular Webcomic!