ग़ाज़ीपुर

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ग़ाज़ीपुर
—  नगर  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य उत्तर प्रदेश
ज़िला गाजीपुर जिला
अध्यक्ष श्री रोहिणी कुमार मुन्ना
जनसंख्या
घनत्व
3,622,727 (2011 के अनुसार )
• 1,072
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)
39.2 km² (15 sq mi)
• 62 मीटर (203 फी॰)
आधिकारिक जालस्थल: http://www.ghazipur.nic.in/

Erioll world.svgनिर्देशांक: 25°35′N 83°34′E / 25.58°N 83.57°E / 25.58; 83.57

गाजीपुर भारत के उत्तर प्रदेश प्रान्त का एक शहर है। इसकी स्थापना तुग़लक़ वंश के सैय्यद मसूद ग़ाज़ी द्वारा की गयी थी। इसके प्राचीन नाम गधिपुर था जो कि लगभग सन १३३० में एक मुल्स्लिम शासक, ग़ाज़ी मालिक के सम्मान में ग़ाज़ीपुर कर दिया गया। गाजीपुर, अंग्रेजों द्वारा १८२० में स्थापित, विश्व में सबसे बड़े अफीम के कारखाने के लिए प्रख्यात है। यहाँ हथकरघा तथा इत्र उद्योग भी हैं। ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरल लोर्ड कार्नवालिस की मृत्यु यहीं हुई थी तथा वे यहीं दफन हैं। शहर उत्तर प्रदेश - बिहार सीमा के बहुत नजदीक स्थित है। यहाँ की स्थानीय भाषा भोजपुरी है। यह पवित्र शहर बनारस के ७० की मी पूर्व में स्थित है।

इतिहास[संपादित करें]

वैदिक काल में ग़ाज़ीपुर घने वनों से ढाका था तथा उस समय यहाँ कई संतों के आश्रम थे। इस स्थान का सम्बन्ध रामायण से भी है। कहा जाता कि महर्षि परशुराम के पिता जमदग्नि यहाँ रहते थे। प्रसिद्ध गौतम महर्षि तथा च्यवन ने यहीं शिक्षा प्राप्त की। भगवान् बुद्ध ने अपना पहला प्रवचन सारनाथ में दिया था जोकि यहाँ से अधिक दूर नहीं है। बहुत से स्तूप उस काल के प्रमाण हैं। ग़ाज़ीपुर सल्तनत काल से मुग़ल काल तक एक महत्त्वपूर्ण क्षेत्र था।

भूगोल[संपादित करें]

गाजीपुर, उत्तर प्रदेश के पूर्वी भाग में, गंगा नदी के किनारे स्थित है. बनारस, मऊ, बलिया और जौनपुर इसके पास स्थित हैं| गंगा किनारे होने के कारण यहाँ की मिटटी बहुत उपजाऊ है। कृषि यहाँ का प्रमुख व्यवसाय है। गेहूं, धान और गन्ना यहाँ की मुख्या फसलें हैं।

गंगा घाट[संपादित करें]

हिंदुओं द्वारा पवित्र नदी मनी जाने वाली नदी गंगा गाजीपुर से बहती है। शहर में कई गंगा घाट हैं जिनमें ददरीघाट, कलेक्टर घाट, स्टीमर घाट, चितनाथ घाट, रामेश्वर घाट, पक्का घाट, कंकड़िया घाट, महादेव घाट, सिकंदरपुर घाट शामिल हैं।

बड़ा महादेव[संपादित करें]

यह मंदिर शहर के दक्षिणी भाग में पीरनगर नामक स्थान पर स्थित शहर का सबसे बड़ा शिव मंदिर है।

संकट मोचन[संपादित करें]

यह ददरीघाट पर स्थित एक हनुमान मंदिर यह जो शहर का सबसे बड़ा मंदिर भी है।

बूढ़े हनुमान[संपादित करें]

यह चितनाथ नामक स्थान पर स्थित एक हनुमान मंदिर, जो महर्षि वाल्मीकि के समय में बना हुआ माना जाता है। यह हिंदुओं में एक लोकप्रिय पूजास्थल है।

कामाख्या धाम[संपादित करें]

यह शहर से 40 किलोमीटर दूर, गहमर पुलिस स्टेशन के तहत एक हिन्दू देवी, माँ कामाख्या का मंदिर है। यह मंदिर गड़ाईपुर गांव में स्थित है। संरक्षण और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए वहाँ एक पुलिस बूथ स्थापित किया गया है। यह अच्छी तरह से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। रामनवमी के समय यहाँ बहुत भीड़ रहती है।

महहर धाम[संपादित करें]

यह शहर से 30 किलोमीटर दूर कसीमाबाद क्षेत्र में स्थित शहर का सबसे बड़ा तीर्थस्थल है। माना जाता है की महाशिवरात्री के दिन काशी विश्वनाथ यहाँ पधारते हैं और निकट स्थित कुंड में स्नान करते हैं। चौरी और कराहिया और हथौरी के पास रेलवे लाइन और खमाया धाम माता मंदिर और वहाँ माँ दुर्गा मन्दिर है द्वारा निकट स्थित है।

यह भी माना जाता है की भगवान श्री राम के पिता, दशरथ ने इसी स्थान पर श्रवण कुमार को बाण मारा था।

जामा मस्जिद[संपादित करें]

जामा मस्जिद शहर के विश्वेस्वरगंज क्षेत्र में स्थित है। यह जिले में सबसे बड़ी मस्जिद है। यह एक प्राचीन इमारत है जो औरंगजेब द्वारा बनाई गई थी।

नेहरू स्टेडियम[संपादित करें]

यह गाजीपुर शहर का एकमात्र स्टेडियम है, जिसका नाम भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम पड़ा है। यह एक छोटा तथा सरकारी स्टेडियम है। इसमें एक व्यायामशाला भी है। स्टेडियम आम तौर पर विभिन्न जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए प्रयोग किया जाता है।

रामलीला मैदान[संपादित करें]

रामलीला मैदान लंका मैदान के नाम से भी जाना जाता है। यह शहर के बीच में स्थित एक खेल का मैदान है। यह चारदीवारी से घिरा हुआ तथा दो मुख्य गेट के साथ सुव्यवस्थित है। इसके किनारे एक तालाब भी है।

प्रति वर्ष यहाँ विजयदशमी के दिन, रामलीला के समय रावण की प्रतिमा जलाई जाती है।

इस मैदान का प्रयोग चुनाव के दौरान राजनीतिक अभियानों तथा सर्कस और स्थानीय प्रदर्शनियों के लिए भी किया जाता है।

धामुपुर[संपादित करें]

यह गाजीपुर शहर से 37 किमी दूर एक छोटा सा गाँव है जो परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद वीर का जन्म स्थान भी है. यह जिला मरदाह क्षेत्र से जखनीया अग्रणी रोड पर स्थित है. वीर अब्दुल हमीद, भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भारतीय सेना में एक सैनिक थे। उन्होंने पाकिस्तान की कई टैंकों को नष्ट किया था।

शिक्षा[संपादित करें]

यहाँ चार प्रमुख स्नातकोत्तर कॉलेज हैं तथा 100 से भी अधिक स्कूल हैं।

डिग्री कॉलेज:-

  • पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, रविंद्रपुरी, पीरनगर
  • स्वामी सहजानन्द पीजी कॉलेज, पीरनगर
  • खरडीहा डिग्री कॉलेज,
  • शहीद स्मारक गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, मोहम्मदाबाद
  • डिग्री कॉलेज, मालिकपुरा

प्रमुख स्कूल निम्नलिखित हैं:-

  • सुगम संगीतालय, मुहम्मदाबाद, गाजीपुर
  • शाह फैज पब्लिक स्कूल, मियांपुरा, गाजीपुर
  • सेंट मैरी कान्वेंट स्कूल, तुलसीसागर, गाजीपुर
  • सेंट जॉन्स स्कूल, महाराजगंज रोड, गाजीपुर
  • लुदर्स कॉन्वेंट, तुलसीसागर, गाजीपुर
  • सेंट थॉमस
  • गौरीशंकर पब्लिक स्कूल, तुलसीसागर, गाजीपुर
  • सरस्वती शिशु मंदिर, रायगंज, गाजीपुर
  • सनबीम स्कूल, महाराजगंज, गाजीपुर
  • एम० के० बालिका उ० मा० विद्यालय राजपुर
  • भरसर
  • जी माउंट लिटेरा
  • madhav saraswti vidya mandir,madhavpuram,ghazipur
  • ADARSH INTER COLLEGE,MAHUABAG,GHAZIPUR
  • GOVERNMENT CITY INTER COLLEGE,MISHRABAZAAR,GHAZIPUR
  • सुगम संगीतालय मुहम्मदाबाद,संस्थापक पं.रामाकान्त तिवारी

सन्दर्भ[संपादित करें]