ख़ागान
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ख़ागान या ख़ाक़ान (मंगोल: хаган, फ़ारसी: خاقان) मंगोलियाई और तुर्की भाषाओँ में 'सम्राट' के बराबर की एक शाही उपाधि थी। इसी तरह ख़ागानत इन्ही भाषाओँ में 'साम्राज्य' के लिए शब्द था। ख़ागान को कभी-कभी 'ख़ानों का ख़ान' या 'ख़ान-ए-ख़ाना' भी अनुवादित किया जाता है, जो 'महाराजाधिराज' (यानि 'राजाओं का राजा') या 'शहनशाह' (यानि 'शाहों का शाह') के बराबर है। जब मंगोल साम्राज्य विस्तृत हो गया था तो उसके भिन्न हिस्सों को अलग-अलग ख़ानों के सुपुर्द कर दिया था। इन सब ख़ानों से ऊपर के 'सर्वोच्च ख़ान' को 'ख़ागान' कहा जाता था।[1]
[संपादित करें] उच्चारण
'ख़ागान' में 'ख़' अक्षर के उच्चारण पर ध्यान दें क्योंकि यह बिना बिन्दु वाले 'ख' से ज़रा भिन्न है। इसका उच्चारण 'ख़राब' और 'ख़रीद' के 'ख़' से मिलता है।
[संपादित करें] इन्हें भी देखें
[संपादित करें] सन्दर्भ
- ↑ Muscovy and the Mongols: Cross-Cultural Influences on the Steppe Frontier, 1304-1589, Donald Ostrowski, Cambridge University Press, 2002, ISBN 9780521894104, ... A khagan, in steppe terms, is a 'super' khan, that is, one who has khans owing him allegiance ...