अल-इखलास

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

अल-इख़लास (अरबी: سورة الإخلاص ) (ईमानदारी), आका अत-तौहीद (سورة التوحيد) (मोनोथीइज़म या अद्वैतवाद) । यह [[कुरान का 112वां सूरा है। यह तौहीद, ईश्वर की पूर्णतया एकता का निरुपण है। इसमें ४ आयतें हैं। अल-इख़लास का अर्थ है "शुद्धता" या "परिशोधन", ईश्वर हेतु यानि शुद्ध एवं स्वामिभक्त रहना, या अपनी आत्मा से गैर-इस्लामी धारणा को अलग कर देना, जैसे द्वैतवाद, इत्यादि।

यह सूरा मक्कन है या मदीनन; यह अभी विवादित ही है। पहला विकल्प अधिक सही है [1]

सार[संपादित करें]

अल-इख़लास के बारे में अहदीथ[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. http://en.wikipedia.org/wiki/Al-Ikhlas

बाहरी कडि़याँ[संपादित करें]

Wikisource-logo.svg
विकिसोर्स में इस लेख से सम्बंधित, मूल पाठ्य उपलब्ध है:
पिछला सूरा:
अल-मसद्द
कुरान अगला सूरा:
अल-फलक
सूरा 112

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50 51 52 53 54 55 56 57 58 59 60 61 62 63 64 65 66 67 68 69 70 71 72 73 74 75 76 77 78 79 80 81 82 83 84 85 86 87 88 89 90 91 92 93 94 95 96 97 98 99 100 101 102 103 104 105 106 107 108 109 110 111 112 113 114


इस संदूक को: देखें  संवाद  संपादन
आधार कुरान
यह लेख कुरान से सम्बंधित आधार है। आप इसे बढाकर विकिपीडिया की सहायता कर सकते हैं। इसमें यदि अनुवाद में कोई भूल हुई हो तो सम्पादक क्षमाप्रार्थी हैं, एवं सुधार की अपेक्षा रखते हैं। हिन्दी में कुरान सहायता : कुरानहिन्दी , अकुरान , यह भी
Allah-green.svg