अत-तिन
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सूरा अत-तिन (अरबी: التين at-Tīn, अंजीर, अंजीर वृक्ष) कुरान का 95वां सूरा है। इसमें 8 आयतें हैं।
व्याख्या, वाक्य 1-8 [संपादित करें]
यह सूरा, आरम्भ होता है अंजीर के नाम से, जो कि इस सूरा का नाम भी है। इसके साथ ही यह बता है जैतून, सिनाइ पर्वत के बारे में भी, साथ ही रक्षित नगर मक्का।
(1) अंजीर एवं जैतून पर विचार करें, (2) और सिनाई पर्वत, (3) और यह रक्षित भूमि!
मुहम्मद असद, कुरान के सन्देश के लेखक कहते हैं:
<<कृपया अनुवाद करें>>
| पिछला सूरा: अल-इन्शिराह |
कुरान | अगला सूरा: अल-अलक |
| सूरा 95 | ||
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| आधार | कुरान | |||
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