अतिचालकता

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कुछ पदार्थ अत्यन्त कम ताप पर पूर्णतः शून्य प्रतिरोधकता प्रदर्शित करते हैं। उनके इस गुण को अतिचालकता कहते हैं। शून्य प्रतिरोधकता के अलावा अतिचालकता की दशा में पदार्थ के भीतर चुम्बकीय क्षेत्र भी शून्य हो जाता है जिसे मेसनर प्रभाव (Meissner effect) के नाम से जाना जाता है।

अतिचालकों में ताप के साथ प्रतिरोधकता का परिवर्तन
अतिचालकों में ताप के साथ प्रतिरोधकता का परिवर्तन


सुविदित है कि धात्विक चालकों की प्रतिरोधकता उनका ताप घटाने पर घटती जाती है। किन्तु सामान्य चालकों जैसे ताँबा और चाँदी आदि में, अशुद्धियों और दूसरे अपूर्णताओं ( ) के कारण एक सीमा के बाद प्रतिरोधकता में कमी नहीं होती। यहाँ तक कि ताँबा (कॉपर) परम शून्य ताप पर भी अशून्य प्रतिरोधकता प्रदर्शित करता है। इसके विपरीत, अतिचालक पदार्थ का ताप क्रान्तिक ताप से नीचे ले जाने पर, इसकी प्रतिरोधकता तेजी से शून्य हो जाती है।

अतिचालकता एक क्वांटम यांत्रिक फेनामेना (quantum mechanical phenomenon.) है।


अनुक्रम

[संपादित करें] प्रमुख अतिचालक पदार्थ

पदार्थ                       प्रकार                           क्रान्तिक ताप  Tc(K)
जस्ता (Zinc )               धातु (metal)                      0.88
अलमुनियम (Aluminum )      धातु (metal)                       1.19
टिन (Tin )                  धातु (metal)                       3.72
पारा (Mercury )             धातु (metal)                      4.15
YBa2Cu3O7                  सिरामिक (ceramic)                90
TlBaCaCuO                  सिरामिक (ceramic)                125

[संपादित करें] अतिचालकता के उपयोग

१) बहुत अधिक चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रता वाले चुम्बक (जैसे १० टेस्ला) बनाने के लिये अतिचालक तारों का प्रयोग किया जाता है। इन्हें अतिचालक चुम्बक काते हैं। इनका उपयोग कण त्वरकों में होता है।

२) भविष्य में इनका उपयोग छोटे एवं अधिक कार्यदक्ष ट्रान्सफार्मर, मोटर, विद्युत जनित्र, आदि बनाने में किया जा सकता है।

३) अतिचालकों का उपयोग स्क्विड (SQUIDs के निर्माण में होता है जो सर्वाधिक संवेदनशील चुम्बकीय-क्षेत्र-मापी हैं।

४) इनका उपयोग ऊर्जा के भण्डारण के लिये किया जा सकेगा क्योंकि किसी अतिचालक लूप में एक बार धारा स्थापित करके छोड़ देने पर वह अनन्त काल तक चलती रहेगी।

५) इसका उपयोग मैगनेटिक लैविटेशन (magnetic lavitation) में किया जा सकेगा।

[संपादित करें] इन्हें भी देखें


[संपादित करें] वाह्य सूत्र