लीसर्जिक एसिड डैथ्यलामैड

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लीसर्जिक एसिड डैथ्यलामैड (LSD) एक अर्धसंश्लेषित औषधि होती है जो कि मनोवैज्ञानिक प्रभाव देती है। इसको खाने से इंसान अपना संतुलन खो देता है और आस-पास के वातावरण से बिलकुल ही अलग हो जाता है और वह सब बातें सोचने लगता है जिसका वास्तविक जीवन से कोई लेना देना नही होता। इसका सेवन लोग इंजेक्शन से करते है,[1] इसे निगलते भी है और यह जेलाटीन के रूप में भी ली जाती है।

लीसर्जिक एसिड डैथ्यलामैड

लीसर्जिक एसिड डैथ्यलामैड इगोट फंगस में पाया जाता है और यह LSD-25 के नाम से भी जाना जाता है। यह रंगहीन, स्वाधीन एवम गंधहीन क्र्यस्तालीय पदार्थ होता है जो की पानी और अल्कोहल में आराम से घुल जाता है। यह औषधि बैटरी एसिड, डॉट्स, बैरल्स, घोस्ट आदि नामों से भी जानी जाती है।[2]

प्रभाव[संपादित करें]

लीसर्जिक एसिड डैथ्यलामैड का प्रभाव शारीरिक और मानसिक दोनों रूप में होता है। भूख कम कर देता है। इसका सेवन करने से व्यक्ति उन सब चीजों का एहसास करता है जो वास्तव में कभी घटी भी नही। यह लोगों के मन में डर उत्पन्न करता है और इसके सेवन के बाद व्यक्ति और भी उत्सुक हो जाता है अपने डर के प्रति। लीसर्जिक एसिड डैथ्यलामैड व्यक्ति की मानसिक स्थिति को पूरी तरह से परिवर्तित करने में मदद करते हैं।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Inuki S, Oishi S, Fujii N, Ohno H (2008). "Total Synthesis of (±)-Lysergic Acid, Lysergol, and Isolysergol by Palladium-Catalyzed Domino Cyclization of Amino Allenes Bearing a Bromoindolyl Group". Organic Letters. 10 (22): 5239–5242. doi:10.1021/ol8022648. PMID 18956869
  2. "Erowid Morning Glory Vaults : Extraction of LSA (Method #1)". erowid.org. Retrieved September 25, 2014.