भूदेव मुखर्जी

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भूदेव मुखर्जी अंग्रेजीराज के समय बिहार में 'इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल्स' थे। सन् १८८६ में उन्होने न्यायालयों में फारसी के स्थान पर हिन्दी चलाने का आदेश दिया। उन्होने "सामाजिक निबन्ध" में लिखा, "भारतवर्ष में अधिकांश लोग हिन्दी कथोपकथन करने में समर्थ हैं। इसलिये शुद्ध भारतवासियों की सभाओं में अंग्रेजी के स्थान पर हिन्दी का ही प्रयोग होना चाहिये। उन्होने सन् १९१९ में कांग्रेस कमिटी में सबसे पहले हिन्दी में भाषण दिया था। उन्होने बिहार में हिन्दी का प्रचार-प्रसार का कार्य किया।