पाठ्यविवरण

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किसी तरह की शिक्षा अथवा प्रशिक्षण के लिये निर्धारित विषयों, उपविषयों (टॉपिक्स) एवं सम्बन्धित सामग्री की व्यवस्थित एवं साररूप में प्रस्तुति ही पाठ्यविवरण (syllabus) कहलाता है। पाठ्यविवरण प्रायः किसी शिक्षा परिषद (बोर्ड) द्वारा निर्धारित की जाती है या किसी प्राध्यापक द्वारा बनायी जाती है जो उस विषय के शिक्षण की गुणवत्ता के लिये उत्तरदायी होता है। समुचित पाठ्यविवरण का शिक्षा में बहुत महत्वपूर्ण स्थान है।

उद्देश्य[संपादित करें]

पाठ्यविवरण यह सुनिश्चित करता है कि शिक्षक और छात्र यह अच्छी तरह समझ लें कि क्या और कितना पढ़ाना/पढ़ना है, उस सामग्री को पढ़ने का उद्देश्य क्या है, कक्षा में विद्यार्थी से क्या अपेक्षाएँ हैं आदि। इससे विद्यार्थी को एक दिशा मिलती है और रास्ता भी दिखाई पड़ता है।

प्रकार[संपादित करें]

  • परीक्षा पाठ्यविवरण
  • व्याकरण का पाठ्यविवरण
  • शिक्षार्थी द्वारा निर्मित पाठ्यविवरण
  • मिशित पाठ्यविवरण
  • आनलाइन पाठ्यविवरण
  • कौशल आधारित पाठ्यविवरण
  • कार्य-आधारित पाठ्यविवरण
  • टेक्स्ट-आधारित पाठ्यविवरण, आदि

इन्हें भी देखें[संपादित करें]