शोगुन
शोगुन (जापानी: 将軍, अर्थ: सिपहसालार) सन् ११९२ से १८६७ तक जापान के वास्तविक शासक को कहा जाता था। यह सैन्य तानाशाह होते थे और अपने वंश चलाते थे। इस काल के जापानी इतिहास को इन्ही शोगुन वंशों के कालों में बांटा जाता है। औपचारिक रूप से जापान का शासक जापान का सम्राट होता था लेकिन वह केवल नाम का शासक था क्योंकि राजसी शक्तियाँ पूरी तरह शोगुन के नियंत्रण में थी। जब पुर्तगाली १५४३ में जापानियों से संपर्क में आने वाले पहले यूरोपीय शक्ति बने तो उन्होंने ब्यौरा दिया की शोगुन का ठाठ-बाठ भी पूरा राजाओं वाला होता था और वे खुले रूप से शासन करते थे। सम्राट को केवल धार्मिक दृष्टि से जापान का प्रमुख होने का आदर प्राप्त था। सन् १८६७ में शोगुन व्यवस्था समाप्त हुई। तोकुगावा योशिनोबू (徳川 慶喜) अंतिम शोगुन रहे और उनके बाद "मेइजी पुनर्स्थापन" नाम के क्रांतिकारी बदलाव में शासन की शक्तियाँ सम्राट के पास लौट आई।[1]
इन्हें भी देखें [संपादित करें]
सन्दर्भ [संपादित करें]
- ↑ John Whitney Hall. "The Cambridge History of Japan: Early modern JapanVolume 4 of The Cambridge History of Japan, John Whitney Hall, ISBN 0-521-65728-8, 9780521657280Volume 4 of The Cambridge History of Japan 6 Volume Set". Cambridge University Press, 1991. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780521223553. http://books.google.com/books?id=6RBXXJixf-sC.