भेड़िया

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भेड़िया
यूरेशियाई भेड़िया
यूरेशियाई भेड़िया
संरक्षण स्थिति
वैज्ञानिक वर्गीकरण
जगत: जंतु
संघ: कौरडेटा (Chordata)
वर्ग: स्तनधारी (Mammalia)
गण: मांसाहारी (Carnivora)
कुल: कैनिडाए (Canidae)
उपकुल: कैनिनाए (Caninae)
ट्राइब: कैनिनी (Canini)
प्रजाति: कैनिस (Canis)
जाति: कैनिस लूपस
C. lupus

द्विपद नाम
Canis lupus
(लीनियस, 1758)[2]
कूगर का विस्तार (हरा - वर्तमान; लाल - भूतपूर्व)
कूगर का विस्तार (हरा - वर्तमान; लाल - भूतपूर्व)
उपजातियाँ

39 उपजातियाँ

वृक या भेड़िया एक कुत्ते के रूप का जंगली जानवर है। वैज्ञानिक नज़रिए से भेड़िया कैनिडाए (canidae) पशु परिवार का सबसे बड़े शरीर वाला सदस्य है। किसी ज़माने में भेड़िये पूरे यूरेशिया, उत्तर अफ्रीका और उत्तर अमेरिका में पाए जाते थे लेकिन मनुष्यों की आबादी में बढ़ौतरी के साथ अब इनका क्ष्रेत्र पहले से बहुत कम हो गया है। जब भेड़ियों और कुत्तों पर अनुवांशिकी अध्ययन किया गया तो पाया गया के कुत्तों की नस्ल भेड़ियों से ही निकली हुई हैं, यानि दसियों हज़ार वर्ष पहले प्राचीन मनुष्यों ने कुछ भेड़ियों को पालतू बना लिया था जिनसे कुत्तों के वंश की शुरुआत हुई।

भेड़िये एक नर और एक मादा के परिवारों में रहते हैं जिसमें उनके बच्चे भी पलते हैं। यह भी देखा गया है के कभी-कभी भेड़ियों के किसी परिवार के नर-मादा किसी अन्य भेड़ियों के अनाथ बच्चों को भी शरण देकर उन्हें पालने लगते हैं। भेड़ियों का शिकार करने का तरीक़ा सामाजिक होता है - यह अकेले शिकार नहीं करते, बल्कि गिरोह बनाकर हिरण-गाय जैसे चरने वाले जानवरों का शिकार करते हैं। भेड़िये अपने क्षेत्र में शिखर के शिकारी होते हैं जिन्हें मनुष्यों और शरों को छोड़कर और किसी से चुनौती नहीं होती।

अन्य भाषाओँ में[संपादित करें]

भेड़ियों को संस्कृत में "वृक", अंग्रेजी में "वुल्फ़" (wolf), फ़ारसी में "गुर्ग" (گرگ) और फ़्रांसिसी में "लू" (loup) कहते हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Mech, L.D., Boitani, L. (IUCN SSC Wolf Specialist Group) (2010). "Canis lupus". IUCN Red List of Threatened Species. Version 2011.2. International Union for Conservation of Nature.
  2. Systema naturæ per regna tria naturæ, secundum classes, ordines, genera, species, cum characteribus, differentiis, synonymis, locis. Tomus I, Carl Linnæus, 1758, pages 39–40, Laurentius Salvius (publisher), Holmiæ (Stockholm), accessdate: 23 नवम्बर 2012