ब्रांड इक्विटी

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साँचा:This article is about जब कोई उत्पाद बाज़ार में बगैर किसी ब्रांड नेम के उतारा जाता है उसकी तुलना में यदि उसे ब्रांड नेम के साथ उतारा जाए तो उसकी मार्केटिंग पर जो प्रभाव पड़ता है या बाज़ार में उसका परिणाम जिस हद तक बदल जाता है उसे ब्रांड इक्विटी कहते हैं[1][2][3][4] उत्पाद की मार्केटिंग पर पड़ने वाले इस प्रभाव का मूल कारण है उपभोक्ताओं का ज्ञान. दूसरे शब्दों में, ब्रांड के बारे में उपभोक्ताओं का ज्ञान, निर्माताओं/ विज्ञापकों को अलग तरीके से प्रतिक्रिया देने या ब्रांड के मार्केटिंग के लिए बिल्कुल सटीक और कुशल युक्तियों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।[5][6] ब्रांड इक्विटी का अध्ययन बहुत तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है, क्योंकि कुछ शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला है कि किसी भी कंपनी के लिए उसकी सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति है, उसका ब्रांड.[7]

मापन[संपादित करें]

ब्रांड को मापने के कई तरीके हैं। मापन के कुछ तरीके व्यवसाय के स्तर पर होते हैं, कुछ उत्पाद के स्तर पर और अन्य उपभोक्ता के स्तर पर हैं।

व्यवसाय स्तर: व्यवसाय स्तर के तरीके में ब्रांड को एक वित्तीय सम्पत्ति के रूप में मापा जाता है। संक्षेप में, इस बात की गणना होती है कि अमूर्त संपत्ति के रूप में इस ब्रांड का क्या मूल्य है। उदाहरण के लिए, अगर आपको व्यवसाय का मूल्य मापना हो, तो बाज़ार में लगी पूंजी के अनुसार उसका जो मूल्य है - उसमें से मूर्त संपत्तियों और "मापने योग्य" अमूर्त संपत्तियों को घटाने पर -जो शेष बचा है वो ब्रांड इक्विटी होगा.[7] व्यवसाय स्तर पर मापन के तरीके का एक उच्च स्तरीय उदाहरण है- व्यवसाय के इंटरब्रांड का परामर्श. इसकी गणना करने के लिए, इंटरब्रांड द्वारा अनुमान लगाया जाता है कि वर्तमान मूल्य की तुलना प्रायोजित लाभ से करें तो इस आधार पर ब्रांड मूल्य क्या होगा. छूट की दर एक व्यक्तिपरक दर है जोकि इंटरब्रांड वाल स्ट्रीट इक्विटी विशेषज्ञों द्वारा तय की जाती है तथा जोखिम के स्तर, बाजार नेतृत्व, स्थिरता और ब्रांड की वैश्विक पहुँच को दर्शाती है[8].

उत्पाद स्तर : उत्पाद स्तर के ब्रांड मापन का एक आदर्श उदाहरण है एक बिना नाम के या निजी लेबल वाले उत्पाद के मूल्य की तुलना बिलकुल 'उसी गुणवत्ता के' ब्रांडेड उत्पाद के मूल्य से करना. सभी चीज़ें सामान होने के बावजूद कीमत में अंतर उसके ब्रांड की वजह से होता है।[9] हाल ही में एक आय अधिमूल्य दृष्टिकोण की वकालत की गई है[4].

उपभोक्ता स्तर : इस तरीके से उपभोक्ता के दिमाग को पढ़कर ये पता किया जाता है कि किन कारणों की वजह से वह उस विशिष्ट ब्रांड से जुड़ा है। इस तरीके से जागरूकता (पुनःस्मरण और पहचानना) और ब्रांड छवि (वो सभी बिंदु जिनकी वजह से ब्रांड उपभोक्ताओं से जुड़ा है) को मापा जाता है। ब्रांड के मूर्त और अमूर्त गुण, दृष्टिकोण और इरादे पहचानने के लिए मुक्त रूप से जुड़ाव परीक्षण और प्रयोजन तकनीकों का प्रयोग आमतौर पर किया जाता है।[5] जिन ब्रांड्स के बारे में जागरूकता ज्यादा हो और उपभोक्ताओं से उनका जुडाव मज़बूत, अनुकूल और अनोखा हो वो ऊंची इक्विटी वाले ब्रांड होते हैं।[5]

ये सभी गणनाएं सर्वश्रेष्ठ तरीके से करने पर भी लगभग में ही परिणाम देती हैं। ब्रांड की बेहतर और पूरी समझ पैदा करने के लिए इनमें से कई तरीकों का एक साथ प्रयोग करना ज्यादा कारगर होता है।

केवल सकारात्मक इक्विटी?[संपादित करें]

एक दिलचस्प सवाल उठाया जाता है - क्या ब्रांड इक्विटी नकारात्मक हो सकती है? एक परिप्रेक्ष्य से, ब्रांड इक्विटी नकारात्मक नहीं हो सकती. सकारात्मक ब्रांड इक्विटी प्रभावी मार्केटिंग, विज्ञापन, जनसंपर्क और प्रचार द्वारा बनाई जाती है। एक दूसरा परिप्रेक्ष्य ये है कि नकारात्मक इक्विटी हो सकती है। अगर एक राजनैतिक "ब्रांड" के उदाहरण को देखें तो "डेमोक्रेट ब्रांड' एक 'रिपब्लिकन' के लिए नकारात्मक हो सकता है और इसी तरह एक 'डेमोक्रेट' के लिए 'रिपब्लिकन' ब्रांड नकारात्मक इक्विटी वाला हो सकता है।

एक कंपनी की ब्रांड इक्विटी जितनी ज्यादा होती है उतनी अधिक संभावना है वो परिवार ब्रांडिंग रणनीति का प्रयोग व्यक्ति ब्रांडिंग नीति की तुलना में ज्यादा करेगी. इसका कारण यह है परिवार ब्रांडिंग उन्हें प्रमुख ब्रांड में जमा इक्विटी में और सुधार करने की अनुमति देता है। ब्रांड इक्विटी के पहलुओं में शामिल हैं: ब्रांड के प्रति निष्ठा, जागरूकता, जुड़ाव और उसकी गुणवत्ता के बारे में लोगों की धारणा.

उदाहरण[संपादित करें]

2000 के दशक के शुरूआती दौर में उत्तरी अमेरिका में, फोर्ड मोटर कंपनी ने एक नीतिगत निर्णय लिया की उनकी सभी नयी और दुबारा डिजाइन की गई कारों के नाम वो अंग्रेजी के अक्षर 'ऍफ़' से शुरू करते हुए रखेंगे. यह खेल के क्षेत्र में उपयोगी सभी फोर्ड एक्सप्लोरर वाहनों के शुरूआती नाम अंग्रेजी के अक्षर 'ई' के साथ शुरू करने की पहले से चल रही परंपरा से जुड़ गया। टोरंटो स्टार में एक विश्लेषक की चेतावनी आई कि जाने माने नाम विंडस्टार को फ्रीस्टार करने से भ्रम पैदा होगा और जो ब्रांड इक्विटी बनी है वो बेकार चली जायेगी, जबकि मार्केटिंग प्रबंधक का विश्वास था की नाम बदलने से कार की नयी डिजाइन पर लोगों का ध्यान जाएगा. पुरानी टॉरस जोकि अमेरिकी ऑटो इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण कार बन चुकी थी उसे 'ऍफ़' से शुरू होने वाले तीन बिलकुल नए नाम - फाइव हंड्रेड, फ्रीस्टार और फ्यूज़न से बदल दिया जाना था। 2007 तक फ्रीस्टार का प्रतिस्थापन किये बिना उसे बंद कर दिया गया। फाइव हंड्रेड नाम को हटा दिया गया और अगली पीढ़ी के कारों के लिए टॉरस को वापस लाया गया ये निर्णय आकस्मिक रूप से एलेन मुलेली ने लिया। "फाइव हंड्रेड" को ज्यादातर लोगों के बीच आधे से भी कम लोगों द्वारा मान्यता प्राप्त थी जबकि "फोर्ड टॉरस" को बहुमत प्राप्त था।

संदर्भ[संपादित करें]

  1. आकेर, डेविड ए (1991) मैनेजिंग ब्रांड इक्विटी. न्यू यॉर्क: द फ्री प्रेस
  2. केविन केलर लेन (2003). "ब्रांड सिंथेसिस: द मल्टी डायमेंशनलिटी ऑफ़ ब्रांड नॉलेज, "उपभोक्ता अनुसंधान जर्नल, 29 (4), 595-600
  3. लयूथेसेर, एल, सी.एस. कोहली और के.आर. हरीच (1995). "ब्रांड इक्विटी: द हेलो एफ्फेक्ट मेज़र,"यूरोपीय मार्केटिंग पत्रिका, 29 (4), 57-66.
  4. ऐलवादी, कुसुम एल., डोनाल्ड आर. लेहमेन और स्कॉट ए नेस्लिन (2003). "रेवन्यू प्रीमियम एज एन आउटकम ऑफ़ ब्रांड इक्विटी", मार्केटिंग पत्रिका, 67 (अक्टूबर), 1-17
  5. केविन केलर लेन (2003). "कोंसेप्टूलाइज़िंग, मेज़रिंग एंड मैनेगिंग कस्टमर-बेस्ड इक्विटी," मार्केटिंग पत्रिका 57 (जनवरी) 1-22
  6. लसर, डब्लू., बी. मित्तल और ए. शर्मा (1995). "मेज़रिंग कस्टमर-बेस्ड इक्विटी," मार्केटिंग पत्रिका, 12 (4), 11-19
  7. मार्टी नियुमियेर (2006). द ब्रांड गैप: हाऊ टू ब्रिज द डिस्टेंस बिटविन बिजनेस स्ट्राटेजी एंड डिजाइन बर्केक्ली, सी ए: न्यू राइडर्स पब्लिकशन.
  8. चू, सिंग्फत और हेन टट केह (2006). "ब्रांड इक्विटी वैल्यू क्रिएशन: एनालाइसिस ऑफ़ द इंटर ब्रांड बिजनेस वीक ब्रांड वैल्यू रैन्किंग्स," मार्केटिंग पत्र, 17, 323-331
  9. डेविड ए. आकेर (1996), "मेज़रिंग ब्रांड इक्विटी अक्रोस प्रोडक्ट्स एंड मार्केट्स," कैलिफोर्निया प्रबंधन की समीक्षा, 38 (स्प्रिंग), 102-120.
10.  पॉल किलबर्न विज्ञापन अल्फ्रेड रिची ब्रांड्स बनाम गैर ब्रांडेड रणनीतियाँ, मार्केटिंग पत्रिका  पी 23, (12,1 2008).

इन्हें भी देखें[संपादित करें]