पर्माफ़्रोस्ट

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
साइबेरिया में पर्माफ़्रोस्ट पर खड़ा यह घर उसके कुछ हद तक पिघलने से टेढ़ा हो गया है
उत्तरी कनाडा में पर्माफ़्रोस्ट से धरती पर बनी लकीरें
पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध में पर्माफ़्रोस्ट का विस्तार

भूविज्ञान में स्थायीतुषार या पर्माफ़्रोस्ट (permafrost) ऐसी धरती को बोलते हैं जिसमें मिट्टी लगातार कम-से-कम दो वर्षों तक पानी जमने के तापमान (यानि शुन्य सेंटीग्रेड) से कम तापमान पर रही हो। इस प्रकार की धरती में मौजूद पानी अक्सर मिटटी के साथ मिलकर उसे इतनी सख़्ती से जमा देता है कि मिटटी भी सीमेंट या पत्थर जैसी कठोर हो जाती है। पर्माफ़्रोस्ट वाले स्थान अधिकतर पृथ्वी के ध्रुवों के पास ही होते हैं (जैसे कि साइबेरिया, ग्रीनलैंडअलास्का), हालांकि कुछ ऊँचे पहाड़ी क्षेत्रों (जैसे कि तिब्बतलद्दाख़) में भी जहाँ-तहाँ पर्माफ़्रोस्ट मिलता है।[1] पर्माफ़्रोस्ट में खुदाई करना पत्थर तोड़ने की तरह होता है और इसके लिए अक्सर भारी औज़ारों की ज़रुरत होती है।[2]

इमारत निर्माण[संपादित करें]

पर्माफ़्रोस्ट वाले क्षेत्रों में इमारतों को खड़ा करने में काफ़ी कठिनाई होती है क्योंकि इन इमारतों की गर्मी से पर्माफ़्रोस्ट समय के साथ पिघलता है और इमारत की बुनियाद कमज़ोर पड़ जाती है। इस कारण से या तो इमारत के नीचे गहरे खम्बे गाड़कर उसे स्थिर करने की आवश्यकता होती है यह फिर नीचे के पर्माफ़्रोस्ट को इमारत की गर्मी से बचाने की ज़रुरत होती है।

नक़्शेदार धरती[संपादित करें]

पर्माफ़्रोस्ट वाले इलाक़ों में धरती जमने से उसमें तरह-तरह के ज्यामितीय डिज़ाइन बन जाते हैं। मंगल ग्रह पर भी पर्माफ़्रोस्ट होता है और वहाँ भी ऐसी नक़्शेवाली धरती दिखती है।[3]

पर्माफ़्रोस्ट में जमे हुए जीवों का पुनःजीविकरण[संपादित करें]

सन् 2012 में कुछ रूसी वैज्ञानिकों ने साइबेरिया की पर्माफ़्रोस्ट में पिछले 30,000 वर्षों से अधिक से जमे हुए सिलीन स्टेनोफ़ाइला नामक एक पौधे के कुछ अंशों से उस पौधे को दुबारा जीवित कर दिया। उन्होंने अपने अनुसन्धान-प्रस्तुति में कहा कि इसपर अब फूल आ रहे हैं और यह उपजाऊ बीज भी बना रहा है। इस से उनका दावा है कि जीवों के अंश बर्फ़ में जमाने से दसियों हज़ारों साल तक सुरक्षित रहने की सम्भावना रखते हैं।[4]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Himalayan Glaciers, Ahmad N, Sarwar Rais, pp. 82, APH Publishing, 1998, ISBN 978-81-7024-946-7, ... ln Ladakh permafrost has been recorded from as low as 4500-4700 m. Asl ...
  2. Native Roots: How the Indians Enriched America, Jack Weatherford, pp. 64, Random House Digital, Inc., 1992, ISBN 978-0-449-90713-9, ... Anyone digging only twelve to eighteen inches in the soil at the warmest time of the year will still hit the rock-hard layer of permafrost. Graves for the dead must be dug with jackhammers, and then only in the summer ...
  3. Mars - A Warmer, Wetter Planet, Jeffrey S. Kargel, pp. 256, Springer, 2004, ISBN 978-1-85233-568-7, ... Polygonal crack and ice-wedge networks, sorted stone circles. and other patterned ground is common in Earth's permafrost regions. Common on Mars are general associations of polygons with low-lying terrains ...
  4. Ancient plant brought back to life after being buried by squirrels in Siberian permafrost more than 30,000 years ago, 21 February 2012, Daily Mail (UK), Accessed: 2012-12-09, ... It also suggests that dormant life found on Mars or other icy planets could be revived. The seeds were dug out of the fossilised burrows of Arctic ground squirrels that roamed the bleak treeless tundra near modern day Kolyma in Russia during the Ice Age, when humans shared the Earth with mammoths and Neanderthals ...