डेटाबेस

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किसी कम्प्यूटर प्रणाली पर संचित आंकडे (डेटा) को कम्प्यूटर डेटाबेस कहते है। इन आंकडों को किसी विशेष पद्दति का अनुसरण करते हुए संग्रह किया जाता है। इन इन आंकडों के आधार एक किसी प्रश्न (जिज्ञासा) का समाधान शीघ्रता से प्राप्त किया जा सकता है। प्रश्न पूछने के लिये एक विशेष कम्प्यूटर भाषा का प्रयोग किया जाता है। जिज्ञासा के समाधान के रूप में प्राप्त आंकडे सम्यक निर्णय लेने में सहायक होते हैं। ऐसे कम्प्यूटर प्रोग्राम जो कम्प्यूटर पर आंकडों को संग्रह करने, उनका प्रबन्धन (आंकडे जोडना, परिवर्तित करना, परिवर्धित करना आदि) करने एवं आकडों पर आधारित प्रश्न पूछने के काम आते हैं, उन्हे डेटाबेस प्रबन्धन प्रणाली (बी डी एम एस) कहते है।

जिज्ञासा (query) का एक उदाहरण:

किसी संस्था के कर्मचारियों के डेटाबेस पर यह जिज्ञासा की जा सकती है कि कौन-कौन से कर्मचारी ३० वर्ष से कम उम्र के हैं तथा जिनकी आय ३ लाख रूपये वार्षिक से अधिक है।

डेटाबेस की सबसे महत्वपूर्ण संकल्पना (कांसेप्ट) यह है कि डेटाबेस रिकाडों (छोटी-छोटी सूचनाओं) का संग्रह है।

डेटाबेस के विभिन्न प्रारूप (माडल)[संपादित करें]

आंकडों की तार्किक संरचना के लिये भिन्न-भिन्न तकनीके प्रयोग में लायी जाती हैं।

  • Flat model
  • Hierarchical model
  • Network model
  • Relational model
  • Object database models
  • Post-relational database models (उदाहरण : PICK aka MultiValue, and MUMPS.)
  • Fuzzy Database

डेटाबेस की उपयोगिता[संपादित करें]

आज का युग सूचना का युग है। सूचना आंकडों पर आधारित होती है। इस कारण वर्तमान युग में डेटाबेस बहुत उपयोगी है। बैंक, रेलवे आरक्षण तथा विभिन्न सरकारी विभाग तरह-तरह के आंकडों के आधार पर ही काम करते हैं।

वाह्य सूत्र[संपादित करें]