डायनामाइट

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डाइनामाइट (Dynamite) एक प्रमुख विस्फोटक है।

रासायनिक संरचना[संपादित करें]

डायनामाइट के निर्माण में नाइट्रोग्लिसरीन प्रयुक्त होता है। नाइट्रोग्लिसरीन आवश्यकता से अधिक सुग्राही होता है। इसकी सुग्राहिता को कम करने के लिए कीज़लगर का उपयोग होता है। अमरीका में कीज़लगर के स्थान में काठ चूरा, या काठ समिता और सोडियम नाइट्रेट का उपयोग होता है। डायनामाइट में नाइट्रोग्लिसरीन की मात्रा 20, 40, या 60 75 प्रति शत रहती है। इसकी प्रबलता नाइट्रोग्लिसरीन की मात्रा पर निर्भर करती है। 75 प्रतिशत नाइट्रोग्लिसरीन वाला डायनामाइट प्रबलतम होता है। कीज़लगर, या काष्ठचूर्ण, या समिता के प्रयोग का उद्देश्य डायनामाइट का संरक्षण होता है, ताकि यातायात में वह विस्फुटित न हो जाए। नाइट्रोग्लिसरीन 13 डिग्री सें. पर जम जाता है। जम जाने पर यह विस्फुटित नहीं होता। अत: ठंढी जलवायु में जमकर वह निकम्मा न हो जाए, इससे बचाने के लिए उसमें 20 भाग ग्लिसरीन डाइनाइट्रोमोनोक्लो-रहाइड्रिन मिलाया जाता है। यह जमावरोधीकारक का काम करता है। इसससे नाइट्रोग्लिसरीन -30 डिग्री सें. तक द्रव रहता है। नाइट्रोग्लिसरीन के स्थान में नाइट्रोग्लाइकोल का उपयोग अब होने लगा है.i don 't know anything regarding this topic but I have written this much.

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]