डलहौजी

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लार्ड डलहौजी भारत का महानतम साम्रज्यवादी गव्रृनर था वो सिर्फ़ साम्रज्यवाद से प्रेरित हो कर प्रशासन चलाता था उसके काल मे विस्तार का काम चरम पे था उसके कुख्यात कार्य थे
१ पंजाब का विलय 1849
२ महराजा दलीप सिंह को पेंशिन दे कर इंग्लैंड भिजवा दिया
३ अवध का विलय 1856 जो 1857 के विद्रोह का कारण बन गया था
४ लेप्स सिदान्त जिसे उसने अनेक देशी राज्यों को हड़पने मे प्रयोग किया था
५ उसने लोअर बर्मा भी जीत लिया था
उपनिवेशवादी नीतिया
१ शीक्ष्निक नीतिया वूड्स डिस्पैच 1854 के द्वारा आधूनिक पाश्चात्य शिक्षा का प्रारम्भ किया
१.१प्राथमिक, माद्यमिक, विश्विदाल्य शिक्षा का वर्गीकरण
१.२ भारत के पहले तीन विश्वविधालय शुरू हुए
१.३ लोक शिक्षा निदेशक नियुकत किए गए
१.४ रूडकी मे अभियांत्रिकी कॉलेज खोला गया
२ 1854 के एक्ट द्वारा डाकघर शुरू किए गए ,तार व्यवस्था भी शुरू हुई


[संपादित करें] रेलवे का प्रारम्भ

-डलहोजी ही भारत मे रेलवे की नींव डालने वाला था इसके लक्ष्य थे 

१ इतने विशाल राज्य की रक्षा हेतु तीव्र साधन चाहिए थे
२ भारत के सभी भागो मे बसी सैन्य छावानियो हेतु संचार का तीव्र सस्ता साधन चाहिए था
ब्रिटेन का माल बेचने हेतु ,भारत से कच्चा माल निकालने हेतु आधूनिक यातायात जरूरी था ताकि इस उपनिवेश से अधिकतम लाभ उठाया जा सके <br /) ४ इस काल तक ब्रितेन वित्तीय पून्जी के काल मे प्रवेश कर चुका था उसके पून्जीपती पून्जी निवेश का लाभदायक स्थान चाह्ते थे जो भारत मे मिल गय थ उनकी पून्जी पर ५% लाभ की गारन्ती दी गयी थी इस से भारत तो गरीब हुआ लेकिन ब्रितन अमीर हो गय
५ रेलवे का विकास करने से ब्रिटेन के लोहा इस्पात उधोग को भारी मात्रा मे काम मिला उनके इंजन उधोग ,ठेकेदारी फर्मो को भारी लाभ हुआ
६ प्रशासन के निरीक्षण हेतु भी यातायात के साधन चाहिए थे

[संपादित करें] रेलवे निर्माण के प्रभाव

१ सरकार ने रेलवे भारत के आधोनिकीकरण हेतु नही अपितु साम्राज्य हितों के लिए बनाईं थी ,इसके साथ ही गारंटी सिसस्त्म के द्वारा भारत से धन निकासी का नया मार्ग बना
२ रेलवे ने ब्रिटन को टू लाभ दिए ही भारत को भी लाभ दिए एडविन अर्नाल्ड के शब्दों मे जो काम भारत के सफलतम वंश न कर पाए वो रेलवे ने कर दिया इसने भारत को एक राष्ट्र बना दिया
३ रेलवे निर्माण के बाद भारत के विभिन्न भाषी लोग जो की बँटे हुए थे एक होते चले गए इस से राष्ट्रवाद का जनम हुआ था
सामजिक योगदान - सामाजिक भेदभाव जो जाती पे आदृत था रेलवे आगमन के बाद कमजोर हो गया इस से एक सामाजिक क्रांति पैदा होने लगी ,रेलवे निर्माण के बाद ब्रिटिश पूँजी भारत मे लगी जिस ने रोजगार के नए अवसर पैदा किए थे अभी तक पिछडे क्षेत्रो का विकास होने लगा था रेलवे ने ही कृषि का वाण्जियकरण शुरू किया था जूट , कपास , गन्ना, चाय ,काफ़ी, नील, अफींम आदि फसलें भारत के धन निकासी का नया स्र्तोत बन गई थी
लार्ड कैंनिग

वैयक्तिक औज़ार