ट्रांसफॉर्मर के प्रकार
ट्रांसफॉर्मर, कार्य की दृष्टि से, कोर की दृष्टि से एवं आकार-प्रकार की दृष्टि से कई प्रकार के होते हैं।
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शक्ति ट्रांसफॉर्मर [संपादित करें]
वे ट्रांसफॉर्मर शक्ति ट्रांसफॉर्मर (power transformer) कहलाते हैं जिनका मुख्य उद्देश्य विद्युत शक्ति को प्राथमिक वाइंडिंग से द्वितियक वाइंडिंग में हस्तान्तरित करना होता है। वैसे तो सभी ट्रांसफॉर्मरों में कुछ न कुछ विद्युत शक्ति प्राइमरी से सेकेण्डरी कुण्डलियों में ट्रांसफर होती है किन्तु शक्ति ट्रांसफॉर्मरों में हस्तांतरित शक्ति की मात्रा अपेक्षाकृत बहुत अधिक होती है। शक्ति ट्रांसफॉर्मर वोल्टता को कम या अधिक भी करते हैं। इसके अलावा प्राइमरी और सेकेण्डरी में पृथक्करण (आइसोलेशन) भी प्रदान करते है।
शक्ति ट्रांसफॉर्मर के कुछ उदाहरण हैं-
- विद्युत जनन स्टेशनों में प्रयोग किये गये स्टेप-अप ट्रांसफॉर्मर
- विद्युत उपकेन्द्रों में प्रयुक्त स्टेप-डाउन ट्रांसफॉर्मर
- लोड केंद्रों के समीप लगाये जाने वाले वितरण ट्रांसफॉर्मर
- एसएमपीएस में लगने वाले फेराइट के कोर वाले ट्रांसफॉर्मर
इंस्ट्रुमेंटेशन ट्रांसफॉर्मर [संपादित करें]
इन ट्रांसफॉर्मरों का उपयोग धारा, वोल्टता या शक्ति के मापन तथा उनकी मान निर्धारित मान से अधिक होने पर परिपथ को बन्द (off) करने के लिये किया जाता है।
- धारा ट्रांसफॉर्मर (करेंट ट्रांसफॉर्मर या सीटी) - इनका मुख्य उद्देश्य एसी धारा को मापना है। इसकी द्वीयक में बहने वाली धारा प्राथमिक में बहने वाली धारा के समानुपाती होती है। इसका उपयोग सुरक्षा (प्रोटेक्शन) के लिये संकेत प्रदान करने के लिये भी किया जाता है।
- विभव ट्रांसफॉर्मर (पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर या पीटी) - इनका मुख्य उद्देश्य एसी वोल्टता को मापना और सुरक्षा के लिये संकेत प्रदान करना है। इसकी सेकेण्डरी में जो वोल्टेज मिलता है वह इसकी प्राइमरी के वोल्टता के समानुपाती होता है।
पल्स ट्रांसफॉर्मर [संपादित करें]
पल्स ट्राम्सफॉर्मर (pulse transformer) वह ट्रांसफॉर्मर है जिसे आयताकार विद्युत पल्सों (rectangular electrical pulses) को ट्रांसमिट करने के ध्येय से विशेष रूप से डीजाइन किया जाता है। इन पल्सों का राइज टाइम और फाल टाइम कम होता है तथा आयाम लगभग नियत (constant) होता है। अच्छा पल्स ट्रांसफॉर्मर वह है जो ऐसी पलों को कम से कम परिवर्तन के साथ द्वितीयक वाइंडिंग में दे सके। अर्थात द्वितीयक वाइंडिंग में प्राप्त पल्स का राइज और फाल-टाइम कम होना चाहिये और आयाम में 'ड्रूप' नहीं आना चाहिये (अर्थात आयाम लगभग नियत बना रहे)।
- कुछ उदाहरण-
- सिलिकॉन कंट्रोल्ड रेक्टिफायर (एससीआर), मॉसफेट आदि के के गेट को फायर करने के लिये प्रयुक्त पल्स ट्रांसफॉर्मर
- कैमरा के फ्लैश कंट्रोलर में प्रयुक्त पल्स ट्रांसफॉर्मर
- राडार के लिये उच्च शक्ति वाली पल्सें प्रदान करने वाला विशेष प्रकार का उच्च विभव पल्स ट्रांसफॉर्मर
रेडियो आवृत्ति ट्रांसफॉर्मर [संपादित करें]
श्रव्य ट्रांसफॉर्मर [संपादित करें]
इन्हें भी देखें [संपादित करें]
- बहुफेजी प्रणाली (Polyphase system)
- त्रिफेजी प्रणाली (Three-phase electric power)
- ट्रांसफॉर्मर