जैक वेल्‍श

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डॉ जैक वैल्श जूनियर
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जन्म 19 नवम्बर 1935 (1935-11-19) (आयु 78)
पीबॉडी, मेसाच्युसेट्स
व्यवसाय प्रबन्धन विशेषज्ञ, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, लेखक
जीवनसाथी कैरोलीन वैल्श, जेन वैल्श, सुजी वैल्श

जॉन फ्रांसिस "जैक" वेल्‍श, जूनियर (जन्‍म 19 नवम्बर 1935 ) अमेरिकी व्‍यवसायी और लेखक हैं। 1981 से 2001 के बीच वह जनरल इलेक्ट्रिक के अध्यक्ष और सीईओ (CEO) रहे. वेल्‍श की कुल अनुमानित संपत्ति 720 मिलियन डॉलर है।[1]

प्रारंभिक जीवन और कॅरियर[संपादित करें]

जैक वेल्‍श का जन्‍म मैसाच्‍युसेट्स के सलेम में हुआ। उनके पिता जॉन, बोस्‍टन और मेन रेलरोड कंडक्‍टर जबकि मां ग्रेस गृहिणी थीं।

वेल्‍श ने अपनी स्‍कूली शिक्षा सलेम हाई स्‍कूल से प्राप्‍त की. बाद में उन्‍होंने मैसाच्‍युसेट्स एमहर्स्‍ट यूनिवर्सिटी में अध्‍ययन किया और 1957 में रसायन अभियांत्रिकी में डिग्री प्राप्‍त कर विज्ञान में स्‍नातक किया। मैसाच्‍युसेट्स यूनि‍वर्सिटी में अध्‍ययन के दौरान वे फी सिग्‍मा कप्‍पा समूह की अल्‍फा शाखा के सदस्‍य थे।

वेल्‍श ने 1960 में अरबाना-चैम्‍पेन में यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉइस से एम.एस. और पीएच.डी. डिग्री प्राप्‍त की.

वेल्‍श ने 1960 में जनरल इले‍क्ट्रिक में नौकरी करना शुरू किया। उन्‍होंने 10,500 डॉलर वार्षिक वेतन पर मैसाच्‍युसेट्स के पिट्सफील्‍ड में जूनियर इंजीनियर के तौर पर कार्य प्रारंभ किया। जब वे जीई (GE) में थे, तो एक बार उन्‍होंने फैक्‍ट्री की छत को ही विस्‍फोट से उड़ा दिया, उनकी इस हरकत के लिए उन्‍हें नौकरी से लगभग निकाल ही दिया गया था।[2] वेल्‍श नौकरी के एक साल बाद वेतन में 1,000 डॉलर की बढ़ोत्तरी और जीई (GE) की सख्‍त नौकरशाही से नाखुश थे। उन्‍होंने कंपनी छोड़ने और इलिनॉइस के स्‍कोकी में इंटरनेशनल मिनरल्‍स & केमिकल्‍स में काम करने का निश्‍चय किया।

कंपनी में वेल्‍श से दो पद ऊपर कार्यरत युवा अधिकारी रूबेन गटऑफ समझ गए थे कि वेल्‍श्‍ा कंपनी के लिए अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण संसाधन साबित हो सकते थे, इसलिए उन्‍हें किसी भी कीमत पर खोना उचित नहीं था। वे वेल्‍श और उनकी पहली पत्‍नी कैरोलिन को पिट्सफील्‍ड के येलो एस्‍टर में डिनर के लिए ले गए और चार घंटे तक वेल्‍श को कंपनी न छोड़ने के लिए मनाते रहे. गटऑफ ने वायदा किया कि वे कंपनी की मौजूदा नौकरशाही को बदल देंगे और एक छोटी कंपनी जैसा खुला माहौल बनाने का पूरा प्रयास करेंगे.

गटऑफ को याद है कि उन्‍होंने वेल्‍श से विनती करते हुए कहा था, "मेरा विश्‍वास करो ." "जब तक मैं यहां हूं, आपको एक बड़ी कंपनी के बेहतरीन माहौल में काम करने का मौका मिलेगा और इसकी जो भी कमियां हैं, उन्‍हें दूर कर दिया जाएगा. "

"ठीक है, पर आप इसे आज़माइशी समय मानिएगा. " वेल्‍श का जवाब था। "मुझे इस आज़माइश में भी आनंद है, " गटऑफ ने कहा. आपको यहां रोकने की कोशिश करना महत्‍वपूर्ण है। "

सुबह वेल्‍श ने उन्‍हें अपना जवाब दिया. गटऑफ याद करते हुए बताते हैं, "यह मार्केटिंग की नौकरी के लिहाज़ से मेरे जीवन का एक अच्‍छा मौका था। " "लेकिन फिर उन्‍होंने मुझसे कहा--और पहले जैक का यही अंदाज़ हुआ करता था--मैं अब भी पार्टी करूंगा क्‍योंकि मुझे पार्टियां पसंद हैं और इसके अलावा, मुझे लगता है कि उनके पास मेरे लिए कुछ छोटे तोहफे हैं। " करीब 12 साल बाद, वेल्‍श ने पूरे साहस के साथ अपनी वार्षिक प्रदर्शन समीक्षा रिपोर्ट में लिखा कि उनका दीर्घावधि लक्ष्‍य कंपनी का सीईओ (CEO) बनना था।[3]

1972 में वेल्‍श को जीई (GE) का उपसभापति नामित किया गया। उनकी पदोन्‍नति होती रही और 1977 में वे कंपनी के वरिष्‍ठ उपसभापति और 1979 में वाइस अध्यक्ष बन गए। वेल्‍श 1981 में जीई (GE) के सबसे युवा अध्यक्ष और सीईओ (CEO) बने, उन्‍होंने रेगिनाल्‍ड एच. जोन्‍स का स्‍थान लिया। 1982 तक वेल्‍श ने जोन्‍स द्वारा तैयार किए गए प्रबंधन ढांचे को बहुत हद तक छिन्‍न-भिन्‍न कर दिया था।

जीई (GE) के सीईओ (CEO) के रूप में कार्यकाल[संपादित करें]

1980 के दशक में, वेल्‍श ने जीई (GE) की कार्यप्रणाली को सरलीकृत करने की दिशा में कार्य किया। 1981 में उन्‍होंने न्‍यूयॉर्क शहर में "धीमी गति से वृद्वि कर रही अर्थव्‍यवस्‍था में तेज़ गति से आगे बढ़ना" इस शीर्षक पे भाषण दिया.[4] इसे अक्सर शेयरधारक के मूल्‍य का महत्‍व जानने का "सवेरा" कहते हैं। बाद में, 2008–2009 के वै‍श्विक आर्थिक संकट पर फाइनेंशियल टाइम्‍स को दिए एक साक्षात्‍कार में वेल्‍श ने कहा, "शेयरधारक का मूल्‍य दुनिया का सबसे मूर्खतापूर्ण विचार है। शेयरधारक का मूल्‍य नतीजा है, रणनीति नहीं...आपका खास हिस्‍सा आपके कर्मचारी, ग्राहक और आपके उत्‍पाद होते हैं।"[5]

उन्‍होंने स्‍वयं के द्वारा किए गए व्‍यापारों में प्रबंधकों पर अधिक उत्‍पादक होने का दबाव भी बनाया. वेल्‍श ने इंवेंटरीज़ में काट-छांट कर और उस नौकरशाही को भंग कर कंपनी की अकुशलता दूर करने का प्रयास किया जिसके कारण पहले उनके जीई (GE) छोड़ने की नौबत आ गई थी। उन्‍होंने कारखानों को बंद कर दिया,कर्मचारियों का वेतन कम कर दिया और उन पुरानी इकाइयों को बंद कर दिया जो अब प्रभावहीन हो चुकी थीं।[6] वेल्‍श का मानना था कि कोई भी कंपनी, जिस भी उद्योग का वह हिस्‍सा हो, उसमें #1 या #2 नंबर पर होनी चाहिए, या उसे उस क्षेत्र को पूरी तरह छोड़ देना चाहिए. बाद में वेल्‍श की रणनीति‍ पूरे अमेरिका में कई कॉर्पोरेट कंपनियों के सीईओ (CEO) ने अपनाई.

हर साल, वेल्‍श सबसे बुरा प्रदर्शन करने वाले अपने 10% प्रबंधकों को नौकरी से निकाल देते थे। अपने कर्मचारियों के साथ बैठकों में वे निर्दयी होने की हद तक स्‍पष्‍टवादिता के लिए जाने जाने लगे. वे अपने प्रबंधकों पर अच्‍छा प्रदर्शन करने के लिए दबाव बनाते थे, लेकिन सबसे अच्‍छा प्रदर्शन करने वाले 20% कर्मचारियों को बोनस और शेयर विकल्‍प भी प्रदान करते थे। उन्‍होंने जीई (GE) में शेयर विकल्‍प कार्यक्रमों का विस्‍तार भी केवल शीर्ष अधिकारियों की बजाय कंपनी के करीब एक-तिहाई कर्मचारियों तक किया। वेल्‍श को कंपनी के नौ-स्‍तरीय प्रबंधन पदानुक्रम को खत्‍म करने और कंपनी में अनौपचारिकता का माहौल बनाने के लिए भी जाना जाता है।

1980 के दशक के शुरुआती वर्षों में उन्‍हें इमारतों को वैसा ही छोड़ने लेकिन कर्मचारियों को नौकरी से निकाल देने के लिए "न्‍यूट्रॉन जैक" (न्‍यूट्रॉन बम के संदर्भ में) के नाम से पुकारा जाने लगा. जैक:स्‍ट्रेट फ्रॉम द गट में वेल्‍श कहते हैं कि 1980 के अंत में जीई (GE) में 411,000 कर्मचारी थे जबकि 1985 के अंत तक वे 299,000 रह गए। वेतन-चिट्ठे से बाहर होने वाले 112,000 कर्मचारियों में से 37,000 विक्रय व्‍यापारों जबकि 81,000 वर्तमान व्‍यापार में बने रहे. बदले में, जीई (GE) ने अपनी बाज़ार पूंजी में शानदार बढ़ोत्तरी की थी।

1986 में, जीई (GE) ने NBC का अधिग्रहण कर लिया जोकि रॉकफेलर सेंटर में स्थित थी; नतीजतन वेल्‍श ने 30 रॉकफेलर प्‍लाज़ा में जीई (GE)‍ बिल्डिंग में अपना दफ्तर बना लिया। 1990 के दशक के दौरान, वेल्‍श ने कई कंपनियों का अधिग्रहण कर जीई (GE) को निर्माण से वित्तीय सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी के रूप में बदल दिया.

1995 के अंतिम महीनों में, वेल्‍श ने मोटोरॉला के सिक्‍स सिग्‍मा क्‍वालिटी प्रोग्राम को अपना लिया। वेल्‍श के सीईओ (CEO) बनने के एक वर्ष पूर्व 1980 में, जीई (GE) ने करीब 26.8 बिलियन डॉलर का कारोबार किया। 2000 में, उनके कंपनी छोड़ने के एक वर्ष पहले कंपनी का कारोबार बढ़कर करीब 130 बिलियन डॉलर हो गया। जब जैक वेल्‍श ने जीई (GE) छोड़ी, तब कंपनी का बाज़ार मूल्‍य 14 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2004 के अंत तक 410 बिलियन डॉलर हो गया था, इस प्रकार यह दुनिया की सबसे महंगी और बड़ी कंपनी बन गई थी।

सेवानिवृत्ति के समय, वेल्‍श को 4 मिलियन डॉलर वार्षिक वेतन मिलता था, जिसके बाद उन्‍हें अपनी विवादास्‍पद योजना के मुताबिक 8 मिलियन डॉलर वार्षिक धन मिला. 1999 में फॉर्च्‍यून मैगज़ीन ने उन्‍हें "सदी का प्रबंधक" नामित किया।[7]

वेल्‍श की सेवानिवृत्ति से पहले जेम्‍स मैकनर्नी, रॉबर्ट नारडेलीऔर जैफरी इमेल्‍ट के बीच चली उत्तराधिकार की लंबी जंग जगजाहिर है। आखिर, इमेल्‍ट को कंपनी के अध्यक्ष और सीईओ (CEO) के रूप में चुना गया। नारडेली 2007 के प्रारंभिक महीनों में इस्‍तीफा देने से पहले तक होम डिपो के सीईओ (CEO) रहे और कुछ समय पहले तक क्राइसलर के सीईओ (CEO) थे, जबकि मैकनर्नी त्तब तक 3M के सीईओ (CEO) बने रहे जब तक उन्‍होंने बोइंग में यही ज़िम्‍मेदारी नहीं संभाल ली.

आलोचना[संपादित करें]

कुछ उद्योग विश्लेषकों का दावा है कि वेल्‍श को जीई (GE) की सफलता का बहुत ज्यादा श्रेय दिया जाता है। वे दावा करते हैं कि कंपनी की सफलता के लिए विभिन्‍न प्रबंधक मुख्‍य रूप से उत्तरदायी रहे हैं।[8] उदाहरण के लिए, गैरी सी वैन्डिट के अधीन जीई (GE) कैपिटल ने कंपनी की कुल कमाई में करीब 40% योगदान दिया जबकि NBC और रॉबर्ट सी राइट ने नेटवर्क विस्‍तार का महत्‍वपूर्ण कार्य किया, जिससे पांच साल तक कंपनी की कमाई में दो-अंकों की बढ़त होती रही. यह भी माना जाता है कि वेल्‍श ने जीई (GE) को किसी बड़े नुकसान से नहीं बचाया क्‍योंकि उनके पूर्ववर्ती अधिकारी, रेगिनाल्‍ड एच. जोन्‍स के कार्यकाल के दौरान कंपनी की वार्षिक कमाई में वृद्वि 16% थी। आलोचकों का यह भी कहना है कि वेल्‍श द्वारा डाले जाने दबाव के कारण कई कर्मचारी कंपनी के प्रति वफादार नहीं रहते, संभवत: जिसके चलते कुछ रक्षा-सौदे कांड हुए जिससे जीई (GE) को नुकसान पहुंचा या शायद इसी वजह से 1990 के दशक के शुरुआती वर्षों में किडर, पीबॉडी & कंपनी बॉन्‍ड-ट्रेडिंग योजना अस्तित्‍व में आई जिसके कारण जाली लाभ का मामला उठा.[3]

वेल्‍श को उनके मध्‍यम वर्ग और नौकरीपेशा वर्ग के प्रति संवेदनहीन होने के कारण कई वर्षों तक तीव्र आलोचना झेलनी पड़ी है। वेल्‍श्‍ा ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उन्‍हें उच्‍च वेतन पाने वाले सीईओ (CEO) और औसत वेतन पाने वाले कर्मचारियों के वेतन में बड़ा अंतर होने की बात से कोई फर्क नहीं पड़ता.

जब सीईओ (CEO) को मिलने वाले अत्‍यधिक उच्‍च वेतन के बारे में उनकी राय पूछी गई तो वेल्‍श ने कहा कि ऐसे सभी आरोप "अपमानजनक" हैं और उन्‍होंने कर्मचारियों की क्षतिपूर्ति को प्रभावित करने वाले प्रस्‍तावित SEC नियमों का कड़ा विरोध किया। अधिकारियों के अत्‍यधिक वेतन (जिसमें पिछले तिथियों पर जारी शेयर विकल्‍प, प्रदर्शन नहीं करने पर गोल्‍डन पैराशूट और से‍वानिवृत्ति के अत्‍यधिक महंगे पैकेज शामिल हैं) पर मचे हंगामे का जवाब देते हुए उन्‍होंने कहा कि सीईओ (CEO) को मिलने वाली क्षतिपूर्ति का नियं‍त्रण मुक्‍त बाज़ार द्वारा होना जारी रहना चाहिए, इसमें सरकार या अन्‍य बाहरी एजेंसियों का कोई दखल नहीं होना चाहिए.[9] इसके अतिरिक्‍त,वेल्‍श 2002 के सरबेन्‍स-ऑक्‍सले एक्‍ट के मुखर विरोधी हैं।[10]

निजी जीवन[संपादित करें]

वेल्‍श बचपन से ही थोड़ा हकलाते थे। अपनी पहली पत्‍नी कैरोलिन से उनके चार बच्‍चे हुए. शादी के 28 साल बाद अप्रेल 1987 में उनका आपसी रज़ामंदी से तलाक हो गया। उनकी दूसरी पत्‍नी,जेन बीस्‍ले, विलय-और-अधिग्रहण से जुड़े मामलों की वकील रही थीं। अप्रेल 1989 में उनकी जैक से शादी हुई और 2003 में उनका तलाक हो गया। हालांकि वेल्‍श ने विवाह-पूर्व समझौता किया था, लेकिन बीस्‍ले ने उसे लागू करने के लिए दस-वर्ष की समय-सीमा पर ज़ोर दिया और इस प्रकार माना जाता है कि शादी टूटने के समय उन्‍हें करीब 180 मिलियन डॉलर मिले.

जैक वेल्‍श की तीसरी पत्‍नी सूज़ी वेटलॉफ़र हैं, जिन्‍होंने सूज़ी वेल्‍श के नाम से वेल्‍श की 2005 में आई किताब विनिंग का सह-लेखन भी किया है। वेटलॉफ़र ने कुछ समय के लिए हार्वर्ड बिज़नस रिव्‍यू के प्रधान संपादक के तौर पर कार्य किया, लेकिन 2002 के शुरू में उन्‍हें इस्‍तीफ़ा देना पड़ा क्‍योंकि वेटलॉफर ने यह बात स्‍वीकार कर ली थी कि मैगज़ीन के लिए वेल्‍श का एक इंटरव्‍यू तैयार करते समय वे और वेल्‍श एक-दूसरे से प्रेम करने लगे थे।

मई 1995 में वेल्‍श को तीन बार बाईपास सर्जरी करवानी पड़ी. उसी साल सितंबर तक उन्‍होंने फिर से पूरा दिन काम करना शुरू कर दिया और व्‍यायाम को भी अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया जिसमें गोल्‍फ़ खेलना भी शामिल था। वेल्‍श ऑगस्‍टा नेशनल गोल्‍फ़ क्‍लब के सदस्‍य हैं। हालांकि, विनिंग में, वेल्‍श ने इस बात को स्‍वीकार किया है कि पीठ दर्द की वजह से उन्‍हें गोल्‍फ़ खेलना छोड़ना पड़ा और आश्‍चर्य की बात है कि उनके अनुसार गोल्‍फ़ न खेल पाने का उन्‍हें कोई मलाल भी नहीं है। वे मानते हैं कि पहले गोल्‍फ़ कोर्स में बीतने वाला उनका समय अब कंपनियों से परामर्श करने और मॉडर्न आर्ट,अंतर्राष्‍ट्रीय यात्राओं, अध्‍यापन और रेड सॉक्‍स खेलों जैसे उनके निजी रुचि के कार्य करने में बीतता है। तब से, वे नैनटकेट गोल्‍फ़ क्‍लब, सैंकटी हैड गोल्‍फ़ क्‍लब और फ़ेयरलैंड,सीटी के कंट्री क्‍लब जैसे कोर्सेज में गोल्‍फ खेलने लगे हैं।

25 जनवरी, 2006 को वेल्‍श ने सेक्रेड हार्ट यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ़ बिज़नस का नाम अपने नाम पर रख दिया, जो अब "जॉन एफ़. वेल्‍श कॉलेज ऑफ़ बिज़नस" के नाम से जाना जाता है।[11]

सितंबर 2006 से वेल्‍श MIT स्‍लोन स्‍कूल ऑफ़ मैनेजमेंट में नेतृत्‍व क्षमता में स्‍पष्‍टतया रुचि रखने वाले 30 MBA छात्रों के चुनिंदा समूह की एक कक्षा को पढ़ा रहे हैं।[12] वे ग्‍लोबल वॉर्मिंग की अवधारणा पर विश्‍वास नहीं करते.[13] फिर भी उनका कहना है कि हर व्‍यवसाय को वानस्‍पतिक उत्‍पादों का उपयोग करना चाहिए और व्‍यवसाय हेतु हरे और प्रकृति को नुकसान न पहुंचाने वाले उपाय अपनाने चाहिए,"आप ग्‍लोबल वॉर्मिंग में विश्‍वास करें या न करें...लेकिन इन उपायों को अपनाएं क्‍योंकि दुनिया ऐसे ही उत्‍पाद चाहती है।"[14]

जैक वेल्‍श के दिए चंदे से जुलाई 2009 में ओहियो में चांसलर यूनिवर्सिटी में जैक वेल्‍श मैनेजमेंट इं‍स्टिट्यूट की स्‍थापना की गई। यह इंस्टिट्यूट वेल्‍श के प्रबंधन दर्शन पर आधारित MBA कार्यक्रम प्रस्‍तावित करता है। यहां ऑनलाइन शिक्षण की व्‍यवस्‍था है और साथ ही स्‍कूल के क्‍लीवलैंड परिसर में भी कक्षाएं लगती हैं।[15]

11 मार्च, 2010 को वेल्‍श लोकप्रिय शो NBC सिटकॉम 30 रॉक के चौथे सीज़न की चौदहवीं कड़ी में अपनी ही भूमिका निभाते दिखाई दिए. इस कड़ी में, उन्‍होंने NBC यूनिवर्सल का एक काल्‍पनिक फिलाडेलफिया-आधारित केबल कंपनी केबलटाउन को बेचा जाना नियमित किया। यह नवंबर 2009 में कॉमकास्‍ट द्वारा जनरल इलेक्ट्रिक से NBC यूनिवर्सल के अधिग्रहण की नकल थी।

जैक वैल्श के प्रबन्ध-मंत्र[संपादित करें]

जैक वैल्श को 1981 में जी. ई. का सी. ई. ओ. नियुक्त किया गया। उस समय फर्म की बाजारी पूँजी 13 अरब डॉलर थी। 2000 में जब वह अपने पद से हटा उस समय तक फर्म का आवर्त बढ़कर 500 अरब डॉलर हो चुका था। वैल्श की सफलता का राज क्या था? उसने प्रबंधकों की सफलता के लिए निम्न संकेत दिए हैं-

  • स्वप्न देखो और फिर इस स्वप्न को वास्तविकता में बदलने के लिए अपने संगठन में ऊर्जा भर दो- लोगों को अपने कार्य के प्रति इतना आतुर बना दो कि वह इस योजना के क्रियान्वयन के लिए भी इंतजार न करें। ऊर्जावान बनो, प्रतियोगी बनो एवं लोगों में उत्तेजना पैदा करने एवं परिणाम प्राप्त करने की योग्यता रखो।
  • सामरिक महत्त्व के मामलों पर ध्यान केंद्रित करो- तुम्हारा कार्य अपने प्रत्येक व्यवसाय की महत्त्वपूर्ण समस्याओं को समझना है। उन क्षेत्रें में विजय प्राप्त करने के लिए आवश्यक प्रतिभाओं की पहचान करो।
  • मुख्य समस्या पर ध्यान केंद्रित करो- तुम्हारा काम व्यापक स्वरूप को देखना है। प्रत्येक पक्ष का प्रबंध मत करो। छोटी-छोटी बातों में मत उलझो। इसके स्थान पर दूसरों को उत्साहित करो कि वह तुम्हारे कुछ न कुछ स्वप्नों को साकार करे। स्वयं बड़े लोगों के बीच रहो एवं विश्वास रखो कि वह अपना कार्य करेंगे एवं संगठन में अपना श्रेष्ठतम योगदान देंगे।
  • प्रत्येक का योगदान लो एवं उच्च विचार जहाँ से भी मिलें उनका स्वागत करो- कोई भी व्यक्ति नेता हो सकता है यदि उसका कोई योगदान है और कोई भी व्यक्ति यदि नए विचार लाता है तो यही उसका सर्वाधिक सारगर्भित योगदान होगा। प्रत्येक से सर्वश्रेष्ठ विचार प्राप्त करना ही व्यवसाय है। किसी भी संगठन के लिए नए विचार जीवन दायनी रक्त के समान होते हैं। यह इसे चलाने वाला ईंधन है। जिस व्यक्ति के पास नवीन विचार हैं वही हीरा है। किसी भी संगठन के लिए सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण विचारों को व्यक्त करना एवं दूरदृष्टि है।
  • उदाहरण प्रस्तुत कर नेतृत्व प्रदान करें- आप स्वयं दूसरों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करें तभी आप उनमें कुछ कर दिखाने की चिंगारी पैदा कर पायेंगे।

जैक वैल्श में नेतृत्व के चार ई- ऊर्जा (Energy), ऊर्जा प्रदान करना (Energize), कुछ हटकर करना (Edge) एवं क्रियान्वयन पर अधिकार (Execute) - सदा दिखाई दिए। उसमें कमाल की ऊर्जा थी, दूसरों में जोश भर देता था, उसमें अद्भुत प्रतियोगिता की भावना थी तथा अद्वितीय क्रियान्वयन का इतिहास था। वैल्श के कीर्तिमान की यही कुंजी है। उसकी चाहत की इन सभी विशेषताओं में से यदि एक में भी कम होती तो उसे यह प्रशंसा नहीं मिलती।

यह भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Storrs, Francis (March 2006). "The 50 Wealthiest Bostonians". Boston magazine. http://www.bostonmagazine.com/articles/the_50_wealthiest_bostonians/. अभिगमन तिथि: 2008-10-03. 
  2. "Failure 101: A class students could use". New York City: MSNBC. November 5, 2009. http://www.msnbc.msn.com/id/33673507/ns/us_news-education/. अभिगमन तिथि: 2009-11-09. 
  3. कैसे जैक Welch जीई (GE) बने
  4. Betsy मॉरिस, 'Welch' फाड़ जैक playbook (2006/07/11) फॉर्च्यून CNNmoney.com पर
  5. Guerrera, Francesco (2009-03-12). "Welch rues short-term profit ‘obsession’". Financial Times. http://www.ft.com/cms/s/0/294ff1f2-0f27-11de-ba10-0000779fd2ac.html. अभिगमन तिथि: 2009-03-12. 
  6. जैक Welch एनकोर
  7. भाग्य - जीई (GE) जैक सदी के प्रबंधक Welch नाम - नवंबर 1, 1999
  8. Khurana, Rakesh (2002-09-13). "Good Charisma, Bad Business". New York Times. http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C02E0DD1031F930A2575AC0A9649C8B63&sec=&spon=&pagewanted=all. अभिगमन तिथि: 2008-07-06. 
  9. 'के साथ Hardball क्रिस 2006, 12 मैथ्यू के लिए जुलाई
  10. जैक Welch जीतना देता है के बारे में सीधे बात करो
  11. पवित्र लिए प्रसिद्ध जैक Welch अध्यक्ष जीई (GE) व्यापार हार्ट विश्वविद्यालय कॉलेज के नाम
  12. कॉर्पोरेट चिह्न जैक Welch Sloan एमआईटी में सिखाने के लिए
  13. सुबह जो MSNBC Sasso पीटर रिपोर्ट पर: ग्लोबल वार्मिंग संदेह
  14. मई, 2009 Digजीई (GE)len ताजा संवाद साक्षात्कार के साथ वैन Alison
  15. जैक Welch एमबीए, जुलाई 2009

अतिरिक्त पठन[संपादित करें]

  • जैक और सूज़ी वेल्‍श द्वारा विनिंग - हार्परकॉलिंस (अप्रेल 2005),

(ISBN 0-06-075394-3)

  • विनिंग: द आंसर्स जैक एण्‍ड सूज़ी वेल्‍श द्वारा - हार्पर 2006,(ISBN 0-00725264-1)
  • जैक वेल्‍श एण्‍ड द जीई (GE) वे : मैनेजमेंट इनसाइट्स एण्‍ड लीडरशिप सी‍क्रेट्स ऑफ द लीजेंडरी सीईओ (CEO) राबर्ट स्‍लेटर द्वारा

(ISBN 0070581045)

  • द न्‍यू जीई (GE): हाऊ जैक वेल्‍श रिवाइव्‍ड एन अमेरिकन इंस्टिट्यूशन, (ISBN 1-55623-670-0)
  • जैक्‍ड अप: द इनसाइड स्‍टोरी ऑफ हाऊ जैक वेल्‍श टॉक्‍ड जीई (GE) इंटू बिकमिंग द वर्ल्‍ड्स ग्रेटेस्‍ट कंपनी बिल लेन - मैकग्रॉ हिल (2008) द्वारा्,(ISBN 978-0-07-154410-8)
  • एट एनी कॉस्‍ट: जैक वेल्‍श, जनरल इलेक्ट्रिक और द परस्‍यूट ऑफ प्रॉफिट, (ISBN 0-375-70567-8)

बाहरी लिंक[संपादित करें]

आधिकारिक[संपादित करें]

लेख[संपादित करें]

वीडियो[संपादित करें]

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