जीमूतवाहन (12वीं शती) के भारत के विधि एवं धर्म के पण्डित थे। स्मृतियों पर लिखने वाले वे बंगाल के सबसे पहले व्यक्तियों में से हैं। वे पारिभद्रकुल के ब्राह्मण थे।