चिंगहई झील

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अंतरिक्ष से कोको नूर (उर्फ़ चिंगहई झील)
झील पर एक परिंदों वाला द्वीप

चिंगहई झील (चीनी भाषा: 青海湖, Qinghai), कोको नूर या कूकूनोर (मंगोल: Кукунор, Koko Nur) चीन के चिंगहई प्रान्त में स्थित एक खारे पानी की झील है जो चीन की सबसे बड़ी झील भी है। मंगोल भाषा में 'कोको नूर' का मतलब 'नीली झील' होता है और चीनी भाषा में 'चिंग हई' का अर्थ भी यही है, हालांकि इस झील का मूल नाम मंगोल-भाषा वाला ही था। चिंगहई झील चिंगहई की राजधानी शिनिंग से १०० किमी पश्चिम में तिब्बत के पठार पर ३,२०५ मीटर (१०,५१५ फ़ुट) की ऊँचाई पर एक द्रोणी में स्थित है। तिब्बती लोग इस क्षेत्र को आमदो (ཨ༌མདོ, Amdo) बुलाते हैं।[1]

२३ नदियाँ और झरने अपना पानी इस झील में ख़ाली करते हैं, लेकिन इनमें से अधिकतर मौसमी हैं (यानि इनमें पानी साल के केवल कुछ महीनों ही रहता है)। झील का अकार बीसवीं सदी में घटता रहता था लेकिन सन् २००४ के बाद से बढ़ा है। २००४ में इसका क्षेत्रफल ४,१८६ किमी था जो २००७ में फैलकर ४,४८९ किमी हो गया। तीर्थयात्री कभी-कभी इस झील की परिक्रमा करते हैं, जिसमें घोड़े पर ८ से १८ दिन और पैदल १५ से २३ दिन लग जाते हैं।

महादेव द्वीप[संपादित करें]

चिंगहई झील के पश्चिमी भाग में 'झील का ह्रदय महादेव' (तिब्बती में 'म्त्शो स्न्यिन्ग म हा दे वा', mTsho snying Ma hā de wa) एक द्वीप है जिसपर कुछ मंदिर और मठ बने हुए हैं।[2] परम्परानुसार इस द्वीप को पहुँचने के लिए किसी नाव का इस्तेमाल नहीं किया जाता था। गर्मियों में इस द्वीप पर रहने वाले इसे छोड़कर नहीं जाते थे और मुख्यभूमि से कोई इसपर आता नहीं था। सर्दियों में झील पर बर्फ़ की मोटी तह जमने पर ही लोग पैदल इस द्वीप से आया-जाया करते थे।[3]

अन्य द्वीप[संपादित करें]

झील के पश्चिमोत्तरी हिस्से में चिड़ियों से भरपूर दो द्वीप हैं, जिनके नाम दानदाओ द्वीप (Dandao Island), यानि 'अण्डों का द्वीप' और हाइशिपि द्वीप (Haixipi Island), यानि 'जलकौवों का द्वीप' हैं। हाइशिपि द्वीप दानदाओ द्वीप से चार गुना बड़ा है।[1]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Natural wonders in China, Ying Liu, China Intercontinental Press, 2007, ISBN 978-7-5085-1104-7, ... The Qinghai Lake: A Sea in the Heart of the Land: Located in northeast Qinghai-Tibet Plateau, the Qinghai Lake is the largest inland salt water lake in China. It is so broad and expansive that the ancient people mistook it for a sea ...
  2. The life of Shabkar: the autobiography of a Tibetan yogin, Źabs-dkar Tshogs-drug-raṅ-grol, Matthieu Ricard, Snow Lion Publications, 2001, ISBN 978-1-55939-154-2, ... The Blue Lake (in Tibetan, mtsho sngon po; in Mongolian, Kokonor; in Chinese, Qinghai, the Blue Sea) ... This hill was Heart of the Lake Island, Tsonying Mahadeva (mtsho snying mahadeva) ...
  3. The Tibet journal, Volume 19, Library of Tibetan Works & Archives, Library of Tibetan Works & Archives, 1994, ... an island called "Mahadeva, Heart of the lake" (mTsho snying Ma ha de wa) situated in the western part of the lake ...